मंडी आदमपुर,
क्षेत्र में नशे का कारोबार लगातार युवाओं की जिंदगी निगलता जा रहा है। बीते कुछ समय में कई युवा नशे की लत के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि अनेक परिवार अपने बच्चों को इस दलदल से बाहर निकालने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बढ़ती मौतों और बर्बाद होते भविष्य के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर युवाओं तक नशा पहुंचा कौन रहा है और इसकी आपूर्ति कहां से हो रही है?
सवाल यूं ही खड़ा है—लेकिन इस बीच एक परिवार को फिर से युवा बेटे को सदा के लिए खोना पड़ा। आदमपुर गांव में गुरुवार को एक युवक का शव मिला है। सूचना पाकर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। शव की पहचान 29 साल के राहुल के तौर पर हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया।
आदमपुर के बिजली घर में राहुल का शव मिला। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे परिजनों के अनुसार राहुल कोई काम नहीं करता था और दिन भर इधर-उधर घूमता रहता था। वह नशा करने का भी आदी था। बुधवार शाम को वह घर से गया था और रात को भी घर नहीं लौटा। गुरुवार सुबह उसका शव गांव में ही पड़ा मिला।
लोगों का कहना है कि नशे की समस्या अब किसी एक गांव या मोहल्ले तक सीमित नहीं रही। आदमपुर गांव के पास बने पुल के नीचे व पार्कों के आसपास युवाओं के नशा करना की चर्चाएं आम हैं। कई परिवारों ने अपने बच्चों को नशे की गिरफ्त में जाते देखा है, जिससे सामाजिक संकट गहरा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से समय-समय पर कार्रवाई के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन नशे की जड़ों तक पहुंचने और बड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए प्रभावी कदम दिखाई नहीं देते। लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में लगातार नशा उपलब्ध हो रहा है तो इसके पीछे सप्लाई चेन अवश्य काम कर रही होगी, जिसकी गंभीर जांच आवश्यक है।
सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों का मानना है कि केवल नशा करने वालों पर कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जरूरत उन लोगों तक पहुंचने की है जो युवाओं को नशा बेच रहे हैं और पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। साथ ही नशा मुक्ति अभियान, जागरूकता कार्यक्रम और युवाओं के लिए रोजगार एवं खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना भी जरूरी है।
क्षेत्र के अभिभावकों में अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में यह समस्या और विकराल रूप धारण कर सकती है।
आदमपुर क्षेत्र के नागरिकों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि नशे के कारोबार की निष्पक्ष और व्यापक जांच कराई जाए, नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो तथा युवाओं को इस घातक लत से बचाने के लिए ठोस और प्रभावी योजना बनाई जाए। आखिरकार, यह केवल कानून-व्यवस्था का नहीं बल्कि पूरी पीढ़ी के भविष्य का सवाल है।









