हिसार

जगदीश भादू : ट्रबलशूटर आफ आदमपुर….पंचायत चुनाव में लिख दिया एक नया अध्याय

मंडी आदमपुर,
मंडी आदमपुर में वर्षों से एक मिथक रहा है कि यहां से सरपंच पद के लिए अग्रवाल समाज को छोड़कर कोई बड़ी चुनौती पेश नहीं कर सकता। सरपंच अग्रवाल समाज का ही बनेगा…और उसे कोई बड़ी टक्कर नहीं दे सकता। लेकिन 10 मई को हुए चुनाव ने एक नया अध्याय लिख दिया। इस अध्याय ने साफ किया कि पंचायत चुनाव में अग्रवाल फिलहाल किंग तो है लेकिन इसे हराया जा सकता है।
ये अध्याय लिखा जगदीश भादू ने। ना पैसा वाला और ना किसी गॉडफादर को साथ लेकर चलने वाला। अपना सफर जगदीश भादू ने अपने बेटे जितेंद्र भादू के साथ आरंभ किया और मंडी आदमपुर पंचायत चुनाव में वो कर दिखाया जिसकी कल्पना तक किसी ने नहीं की थी। जगदीश भादू ने इस चुनाव में 1894 वोट प्राप्त किए। जबकि विजयी उम्मीदवार जगतपाल अग्रवाल ने 2543 वोट हांसिल किए। जगदीश भादू इस चुनाव में महज 649 वोट से पीछे रह गए।

इस 649 वोट पर नजर डाले तो पता चलता है कि जगतपाल को बड़ी बढ़त वार्ड नम्बर 1, 2, 3, 4, 5 व 6 से मिली है। यह क्षेत्र पूरा अनाज मंडी व माडल टाउन का एरिया है। बाकि बचे 14 वार्ड में जगदीश भादू ने न केवल जगतपाल अग्रवाल को कड़ी टक्कर दी बल्कि 7 वार्डों में जीत भी हांसिल की। चुनाव परिणाम से साफ हुआ कि जगदीश भादू को पॉश क्षेत्र के अग्रवाल समाज ने अपना आशीर्वाद बिल्कुल नहीं दिया जबकि मेन बाजार और शिव ​कॉलोनी क्षेत्र के अग्रवाल समाज ने उनका भरपूर साथ दिया।

रविदास नगर ने रिकॉर्ड तोड़ वोट उनकी झोली में डाल दिए। वार्ड नम्बर 7,11, 15,16, 18, 19 व 20 में तो जगदीश भादू ने अच्छी—खासी जीत भी हांसिल की। वार्ड नम्बर 7 से 20 तक परिणाम को देखा जाए तो जगदीश भादू को 1702 वोट मिले जबकि जगतपाल को 1575 वोट मिले। यानि वार्ड नम्बर 7 से 20 तक के 14 वार्ड के चुनाव में जगदीश भादू ने 127 वोटो ने जीत हांसिल की। वहीं चुनाव परिणाम पर नजर डालने पर पता चलता है कि गांधी कॉलोनी व आटो मार्केट में जगदीश भादू के वोटबैंक पर राकेश जांगड़ा ने बड़ी सेंध लगा दी। यदि राकेश जांगड़ा चुनाव मैदान में न होते तो यह चुनाव काफी करीबी हो जाता।

जगदीश भादू ने इस चुनाव में साफ संदेश दे दिया कि चुनाव में जात—पात का कार्ड को रोका जा सकता है। जनता के काम आना और उनके लिए यदि 24 घंटे उपलब्ध रहो तो जनता जात—पात से आगे निकलकर वोट करती है। जगदीश भादू ने चुनाव मैदान में उतरने से पहले जनता का मन जीतने का काम किया। जगदीश भादू को मंडी आदमपुर व जवाहर नगर के किसी भी कोने से फोन किया गया कि यहां पर यह समस्या है तो वो फौरन वहां पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद उन्होंने उस समस्या का उचित समाधान करवाया।
आमजन के बीच एक बात प्रचलित हो गई थी कि गंदा पानी आ रहा है तो जगदीश भादू को फोन करो…सीवर ब्लॉक हो गया तो जगदीश भादू को फोन करो…बिजली की तार टूट गई—स्ट्रीट लाइट खराब हो गई—पानी नहीं आया—सड़क नहीं बनी—बारिश का पानी नहीं निकला…यानि समस्या कोई भी हो—फोन जगदीश भादू को करो।

मध्यम व गरीब वर्ग के लोग एक ही बात बोलने लगे कि कोई भी परेशानी है तो जगदीश भादू को फोन करो..यानि लोग समस्या होने पर संबंधित अधिकारियों की जगह जगदीश भादू को ही हल के रुप में देखने लगे। इसका असर ये हुआ कि मध्यम वर्ग और गरीब वर्ग ने एकजुट होकर जगदीश भादू के पक्ष में बम्पर वोटिंग की। हांलाकि चुनाव जीतने से वे चूक गए लेकिन दिल जीतने में वे पूरी कामयाब रहे। जाति के आधार पर पहले जहां लोग उनको महज 300—400 वोटो का उम्मीदवार बता रहे थे, लेकिन जैसे—जैस चुनाव पास आया और मध्यम व गरीब तबका उनके साथ खुलकर खड़ा होने लगा तो चुनाव के अंतिम पड़ाव पर उनकी जीत की भी काफी शर्ते लगने लगी।

कुल मिलाकर जगदीश भादू ने मंडी आदमपुर के लोगों का जात के आधार पर वोट का मिथक तोड़ने में कामयाबी हांसिल की। साथ ही उन्होंने साबित भी कर दिया कि जनता के बीच रहकर उनकी छोटी—छोटी समस्याओं का हल किया जाएं तो चुनाव में जनसमर्थन प्राप्त करना ज्यादा मुश्किल नहीं। जगदीश भादू चुनाव भले ही हार गए हो लेकिन उन्होंने ट्रबलशूटर आफ आदमपुर का खिताब अवश्य अपने नाम कर लिया।

Shine wih us aloevera gel

Related posts

मिशन चहक के तहत आजाद नगर क्षेत्र में चौथा शिविर आयोजित

Jeewan Aadhar Editor Desk

11 मई 2018 को हिसार में होने वाले मुख्य कार्यक्रम

हिसार में IMA प्रधान की नलवा लैब में ED की छापेमारी