मंडी आदमपुर,
ग्राम पंचायत जवाहर नगर के सरपंच पद का चुनाव भले ही सुभाष धांधल की धर्मपत्नी नीलम धांधल मात्र 3 वोटों के बेहद मामूली अंतर से हार गई हों, लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद जो तस्वीर सामने आई, उसने यह साफ कर दिया कि जनता के दिलों में असली जीत आज भी ईमानदारी, सादगी और सेवा भावना की ही होती है। हार के बाद जवाहर नगर में आयोजित सम्मान समारोह ने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उपस्थित भीड़ को देखकर कहा जा सकता है ”इतना भी गुमान ना कर अपनी जीत पर ऐ बेखबर, शहर में तेरी जीत से ज्यादा चर्चे तो मेरी हार के हैं।”
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद गोलटंकी पर ऐसा माहौल देखने को मिला मानो किसी विजेता का स्वागत किया जा रहा हो। लोगों ने नीलम धांधल और उनके पति सुभाष धांधल के सम्मान में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें हर वर्ग के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और समर्थकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। लोगों ने दोनों का फूल-मालाओं और नोटों की मालाओं से जोरदार स्वागत किया। इतना ही नहीं, लोगों ने उन्हें लड्डुओं से तौलकर अपना स्नेह, सम्मान और विश्वास व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान गोलटंकी क्षेत्र में ढोल-नगाड़ों और जयकारों की गूंज सुनाई दी। समर्थकों ने कहा कि चुनाव के परिणाम भले ही उनके पक्ष में नहीं आए, लेकिन नीलम धांधल ने जिस साफ छवि और सकारात्मक सोच के साथ चुनाव लड़ा, उसने लोगों के दिल जीत लिए। उपस्थित लोगों का कहना था कि आज के दौर में जहां चुनावों में दिखावा और धनबल अधिक देखने को मिलता है, वहीं नीलम धांधल और सुभाष धांधल ने बेहद सादगी और ईमानदारी के साथ जनता के बीच जाकर चुनाव लड़ा। यही वजह है कि हार के बाद भी लोगों का समर्थन उनके साथ पहले से ज्यादा मजबूत होकर खड़ा दिखाई दिया।
ग्रामीणों ने मंच से खुलकर कहा कि नीलम धांधल ने चुनाव को केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि गांव की सेवा का अवसर माना। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने जवाहर नगर के हर मोहल्ले, हर गली और हर परिवार तक पहुंच बनाई। उन्होंने विकास, साफ-सफाई, शिक्षा, युवाओं के लिए बेहतर अवसर, महिलाओं के सम्मान और गांव में भाईचारे को अपना मुख्य मुद्दा बनाया। ग्रामीणों का कहना था कि नीलम धांधल ने कभी भी नकारात्मक राजनीति नहीं की और हमेशा सम्मानजनक भाषा व सकारात्मक सोच के साथ जनता के बीच रहीं।
सम्मान समारोह में मौजूद लोगों ने कहा कि 3 वोटों की हार वास्तव में हार नहीं, बल्कि जनता के बढ़ते विश्वास का संकेत है। कई ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि इस बार किस्मत थोड़ी साथ नहीं दे सकी, लेकिन आने वाले चुनाव में जवाहर नगर की जनता इस कमी को पूरा करेगी। लोगों ने सुभाष धांधल और नीलम धांधल को अभी से अगले चुनाव की तैयारी शुरू करने का आग्रह करते हुए भरोसा दिलाया कि अगला सरपंच जवाहर नगर को वही देंगे।
कार्यक्रम में कई वक्ताओं ने कहा कि सुभाष धांधल लंबे समय से गांव के सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं और हमेशा लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े दिखाई दिए हैं। यही कारण है कि गांव के लोगों का उनके परिवार पर विश्वास लगातार मजबूत होता जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव हारने के बाद जिस विनम्रता और धैर्य के साथ उन्होंने जनता का आभार व्यक्त किया, उसने लोगों के मन में उनके प्रति सम्मान और बढ़ा दिया।
समारोह के दौरान कई समर्थक भावुक भी नजर आए। लोगों का कहना था कि राजनीति में ऐसे ईमानदार और साफ छवि वाले लोग बहुत कम देखने को मिलते हैं, जो बिना किसी लालच और दिखावे के जनता की सेवा करने की भावना रखते हों। ग्रामीणों ने कहा कि नीलम धांधल और सुभाष धांधल ने यह साबित कर दिया कि जनता का प्यार और विश्वास किसी भी चुनावी जीत से बड़ा होता है।
जवाहर नगर में हुआ यह सम्मान समारोह अब पूरे मंडी आदमपुर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता और जनप्रतिनिधि के बीच भरोसे, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक मान रहे हैं। इस कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि लोकतंत्र में असली ताकत जनता के विश्वास की होती है और जो नेता ईमानदारी व सेवा भावना के साथ जनता के बीच काम करता है, उसे लोग हार के बाद भी सिर आंखों पर बैठाते हैं।









