मंडी आदमपुर,
आदमपुर क्षेत्र में मंडी आदमपुर व जवाहर नगर ग्राम पंचायत में हुए चुनावों में भाजपा नेताओं ने जिन उम्मीदवारों को समर्थन दिया—उनको बड़ी हार का सामना करना पड़ा। सरपंच पद पर ऐसी करारी हार हुई कि भाजपा नेताओं के समर्थित दोनों पंचायतों के सरपंचों के वोट मिला दिए जाए तो भी वे मंडी आदमपुर या जवाहर नगर ग्राम पंचायत से जीत तो दूर दूसरे नम्बर तक नहीं पा रहे।
मंडी आदमपुर ग्राम पंचायत में डा. कमल गुप्ता ने मोहित गोयल को अपना समर्थन दिया था। यहां पर मोहित गोयल को 840 वोट मिले। वही सरपंच चुने गए जगतपाल को 2543 वोट मिले। दूसरे नम्बर पर रहे जगदीश भादू को 1894 वोट मिले। वहीं जवाहर नगर में सरपंच को 1946 वोट मिले। दूसरे नम्बर पर रही नीलम धांधल को 1943 वोट मिले। भाजपा के मेयर पोपली ने यहां पर तारारानी को समर्थन दिया था। तारारानी को 584 वोट मिले। यदि मोहित गोयल के 840 और तारारानी के 584 वोटों को मिला दिया जाएं तो कुल 1424 वोट मिलते हैं। ऐसे में दोनों के वोट मिलाने पर भी आदमपुर क्षेत्र की दोनों ग्राम पंचायतों में से किसी में भी जीत तो दूर दूसरा स्थान भी मिलता।
मंडी आदमपुर बड़े नेताओं का वार्ड नम्बर 3 से भाजपा के कद्दावर नेता को पंचायत सदस्य के चुनाव में करीब 100 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। यहां कुलदीप बिश्नोई सहित भाजपा के कई बड़े नेता रहते हैं। चर्चा है कि इन बड़े नेताओं ने अपने वोट का इस्तेमाल ही नहीं किया। वे वोट डालने आए ही नहीं। इस बेरुखी के चलते भाजपा को पंच का चुनाव यहां से हारना पड़ा।
रविदास नगर को गिराने से बचाने में भाजपा नेता मुनीश ऐलावादी सबसे आगे रहे। उन्होंने यहां के लोगों की मुलाकात सीएम तक से करवाई। लेकिन पंचायत के चुनावों में यहां के लोगों ने मुनीश ऐलावादी को छोड़कर जगदीश भादू के साथ जाना उचित समझा। रविदास नगर से भाजपा उम्मदीवार को भारी हार का सामना करना पड़ा वहीं जगदीश भादू से यहां से बड़ी जीत हांसिल की।
कुल मिलाकर इस चुनाव में साफ हो गया कि आदमपुर क्षेत्र की जनता का अब भाजपा नेताओं से मोह भंग हो चुका है। वे भाजपा नेताओं के कहने पर वोट देना तो दूर उनकी बात सुनना तक पसंद नहीं कर रहे। यदि लोगों का यही रुख कायम रहा तो आने वाले विधानसभा चुनावों में एक बार फिर भाजपा के लिए मुश्किले खड़ी हो सकती है।









