सिरसा

ढाबे में चल रही थी जिस्मपरोसी… पुलिस वाले से ही कर बैठे 500 रुपए में सौदा

डबवाली,
नेशनल हाईवे-54 के चौटाला रोड पर लघु सचिवालय से कुछ ही दूरी पर स्थित ढाबे की आड़ में देह व्यापार का धंधा चल रहा था। यहां पंजाब के जिला फरीदकोट और बरनाला की महिलाएं यह गोरखधंधा करने आती थी। लोगों का कहना है कि यह गोरखधंधा पिछले एक-डेढ़ साल से चल रहा था।

जीवन आधार पत्रिका यानि एक जगह सभी जानकारी..व्यक्तिगत विकास के साथ—साथ पारिवारिक सुरक्षा गारंटी और मासिक आमदनी और नौकरी भी..अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे।

गत दिवस पुलिस ने रेड मारकर ढाबे से तीन महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान जसविंद्र सिंह उर्फ काका और रजनीश अग्रवाल के रूप में हुई है। इनके साथ तीन महिलाएं भी हैं, जबकि गोरखधंधा चलाने वाले मुख्य अभियुक्त श्रवण सिंह गांव सिघुआला (पंजाब) की तलाश जारी है। पकड़ी गई सभी महिलाएं विवाहित हैं। देह व्यापार का सौदा ग्राहक को देखकर तय होता था। सौदे के बाद ग्राहक व महिला को ढाबे के भीतर प्रवेश दिलाकर गोरखधंधा चलाने वाले बाहर खुद निगरानी पर बैठ जाते थे।

पुलिस वाले के साथ 500 में हुआ सौदा

सिटी पुलिस इंचार्ज हवा सिंह के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि देह व्यापार का गोरखधंधा चल रहा है। बोगस ग्राहक के रुप में 500 रुपये देकर पुलिस वाले को भेजा गया। ढाबे के बाहर चारपाई पर लेटे जसविंद्र उर्फ काका के साथ सौदा हो गया। इशारा मिलते ही पुलिस ने रेड कर दी।

पत्रकारिकता के क्षेत्र में है तो जीवन आधार न्यूज पोर्टल के साथ जुड़े और 72 हजार रुपए से लेकर 3 लाख रुपए वार्षिक पैकेज के साथ अन्य बेहतरीन स्कीम का लाभ उठाए..अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे।

डबवाली के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर हवा सिंह का कहना है कि पकड़े गए अभियुक्त जसविंद्र उर्फ काका ने बताया है कि वह श्रवण सिंह उर्फ रिंकू के साथ मिलकर यह गोरखधंधा चलाता है। रिंकू किसी कार्य से बाहर गया हुआ था। पकड़े गए पांचों अभियुक्तों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
जीवन आधार बिजनेस सुपर धमाका…बिना लागत के 15 लाख 82 हजार रुपए का बिजनेस करने का मौका….जानने के लिए यहां क्लिक करे

Related posts

निजी शैक्षणिक संस्थान खुलने से पहले नहीं कर सकते फीस या शुल्क की मांग

Jeewan Aadhar Editor Desk

पानी पीने से 2 की मौत, 4 की हालत गंभीर

अजय चौटाला ने दिए नए पार्टी बनाने के संकेत

Jeewan Aadhar Editor Desk