धर्म

परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—833

पुराने समय में किसी गांव में एक व्यक्ति जीवन की परेशानियों से बहुत निराश हो गया था। उसे लगता था कि उसकी जिंदगी में समस्याएं कभी खत्म ही नहीं होतीं। वह एक परेशानी हल करता, तभी दूसरी समस्या सामने आ जाती। धीरे-धीरे वह बहुत निराश रहने लगा।

एक दिन उसने सोचा कि गांव के प्रसिद्ध संत से मिलकर सलाह ली जाए। वह संत के पास गया और बोला कि गुरु जी, मैं बहुत परेशान हूं। मेरे जीवन में एक के बाद एक समस्याएं आती रहती हैं। कृपया ऐसा उपाय बताइए कि मेरी सारी परेशानियां खत्म हो जाएं और मेरा मन हमेशा शांत रहे।

संत ने उसकी बात ध्यान से सुनी और बोले कि तुम्हारी समस्या का समाधान मैं तुम्हें कल बताऊंगा, लेकिन आज तुम्हें मेरा एक छोटा सा काम करना होगा।

व्यक्ति तुरंत तैयार हो गया। संत बोले कि आज रात तुम्हें मेरे ऊंटों का ध्यान रखना है। जब सारे ऊंट बैठ जाएं और सो जाएं, तब तुम भी सो जाना।

उस व्यक्ति ने सोचा कि यह तो बहुत आसान काम है। रात में वह ऊंटों की देखभाल करने लगा, लेकिन थोड़ी देर में उसे समझ आ गया कि काम इतना आसान नहीं है।

जब वह एक ऊंट को बैठाता, तभी दूसरा ऊंट खड़ा हो जाता। वह दूसरे को बैठाता तो तीसरा उठ खड़ा होता। पूरे झुंड के सारे ऊंट एक साथ बैठ ही नहीं रहे थे। इसी तरह ऊंटों को संभालते-संभालते पूरी रात निकल गई और उसे सोने का मौका ही नहीं मिला।

अगली सुबह वह थका हुआ संत के पास पहुंचा। संत ने मुस्कुराकर पूछा कि रात में नींद कैसी आई?

व्यक्ति बोला कि गुरु जी, मैं तो पूरी रात सो ही नहीं पाया। आपके ऊंटों ने मुझे बहुत परेशान किया। एक को बैठाता तो दूसरा खड़ा हो जाता। सारे ऊंट एक साथ बैठे ही नहीं।

संत ने शांत स्वर में कहा कि हमारे जीवन की समस्याएं भी इन ऊंटों की तरह ही होती हैं। जब हम एक समस्या हल करते हैं तो दूसरी खड़ी हो जाती है। जीवन में परेशानियां हमेशा आती-जाती रहती हैं।

संत की बातें सुनकर व्यक्ति ने फिर पूछा कि तो फिर हमें क्या करना चाहिए?

संत बोले कि जैसे कुछ ऊंट अपने आप बैठ गए थे, वैसे ही जीवन की कुछ समस्याएं समय के साथ खुद ही खत्म हो जाती हैं। कुछ समस्याओं को हम अपनी कोशिश से हल कर लेते हैं और कुछ ऐसी भी होती हैं जो तुरंत हल नहीं होतीं। ऐसे समय में धैर्य रखना चाहिए और जीवन का आनंद लेना नहीं छोड़ना चाहिए।

निराश व्यक्ति को उस दिन जीवन का एक बड़ा सबक मिल गया। इसके बाद वह व्यक्ति हमेशा प्रसन्न रहने लगा।

धर्मप्रेमी सुंदरसाथ जी, समस्याओं से भागने के बजाय हमें उन्हें सही नजरिए से देखना चाहिए। जीवन में कुछ चीजें हमारे हाथ में होती हैं और कुछ नहीं। हमें अपनी ऊर्जा उन समस्याओं पर लगानी चाहिए, जिन्हें हम वास्तव में हल कर सकते हैं। जो चीजें हमारे नियंत्रण से बाहर हैं, उन्हें लेकर लगातार चिंता करने का कोई फायदा नहीं होता। धैर्य जीवन की सबसे महत्वपूर्ण ताकतों में से एक है। कई समस्याएं समय के साथ अपने आप हल हो जाती हैं। इसलिए मुश्किल समय में जल्दबाजी या निराशा से बचना चाहिए।

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