नई दिल्ली,
आज होने जा रहा पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत समेत दुनिया के तमाम देशों में देखा जाएगा। इस ग्रहण को खग्रास चंद्रग्रहण कहा गया है, जिसके तहत चंद्रमा का कुछ हिस्सा छुप जाएगा। ये ग्रहण लगभग 150 साल बाद आया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, चंद्र ग्रहण तब होता है जब धरती और सूरज के बीच में चंद्रमा आ जाता है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है क्योंकि हम लोग धरती से यह खगोलीय घटना देख रहे होते हैं और धरती की छाया काफी बड़ी होती है लिहाजा चंद्र ग्रहण की खासियत यह होती है कि दुनिया में एक ही समय पर शुरू होता है और एक ही समय पर खत्म होता है वैसे तो चंद्र ग्रहण को लेकर तमाम अंधविश्वास अलग-अलग देशों में प्रचलित हैं लेकिन सही बात यह है कि इस आसमानी घटना का हमारे जीवन पर कोई असर नहीं पड़ता है।
दुनिया भर में चंद्र ग्रहण की शुरुआत भारतीय समय अनुसार, शाम 4:21:15 बजे होगी इस समय चंद्रमा धरती की सबसे हल्की छाया यानी Penumbra में प्रवेश करेगा लेकिन भारत में उस समय दिन होगा और चंद्रमा आसमान में नजर नहीं आ रहा होगा लिहाजा इसे भारत से नहीं देखा जा सकेगा इसके बाद शाम 5:18:27 बजे आंशिक चंद्र ग्रहण शुरू होगा लेकिन इस समय तक भारत के एक बड़े हिस्से में चंद्रोदय नहीं हुआ होगा लिहाजा आंशिक चंद्रग्रहण की शुरुआत भी भारत से नहीं दिखेगी दिल्ली की बात करें तो यहां पर चंद्रोदय शाम 5:53:54 बजे पर होगा इसके आधे घंटे बाद दिल्ली के ज्यादातर जगहों पर चंद्रमा को देखा जा सकेगा यानी दिल्ली में चंद्रोदय के वक्त आंशिक चंद्रग्रहण लगा हुआ चंद्रमा निकलेगा यही स्थिति तकरीबन पूरे देश में रहेगी।
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पूर्ण चंद्र ग्रहण शाम 6:21:47 बजे पर शुरू होगा यह पूरे देश में देखा जाएगा और पूर्ण चंद्र ग्रहण की सबसे गहन स्थिति शाम 6:59:49 बजे पर होगी पूर्ण चंद्र ग्रहण की स्थिति रात को 7:37:51 बजे पर खत्म हो जाएगी आंशिक चंद्रग्रहण रात 8:41:11 बजे पर खत्म हो जाएगा और उसके बाद penumbral चंद्र ग्रहण रात 9:38:27 बजे पर खत्म हो जाएगा।
बीएम बिड़ला विज्ञान केन्द्र के निदेशक बीजी सिद्धार्थ ने कहा कि बुधवार को पड़ने वाला पूर्ण चंद्रग्रहण भारत से दिखाई देगा। इसमें चंद्रमा लाल भूरा रंग लेगा जिसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है। केन्द्र के मुताबिक इस घटना को ब्लू मून और सुपर मून का भी नाम दिया गया है।
इस अद्भुत घटना को विस्तृत रूप से बताते हुए सिद्धार्थ ने कहा कि चंद्रग्रहण के दौरान पृथ्वी, सूर्य और चन्द्रमा के बीच में आ जाती है और पृथ्वी की छाया चांद पर पड़ती है।
सिद्धार्थ ने कहा, ‘यदि तीनों लगभग एक ही रेखा पर आते हैं तो पूर्ण चंद्रग्रहण है। यहां तक कि पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान सूर्य की कुछ किरणें पृथ्वी के वायुमंडल के माध्यम से अपवर्तित होती हैं और चन्द्रमा हल्की भूरी लाल चमक ले लेता है और यही 31 जनवरी को घटित होगा। कुछ लोग इसे ‘ब्लड मून’ भी कहते हैं।’
चंद्र ग्रहण को देखने के लिए किसी भी खास इंतजाम की जरूरत नहीं होती है इसको आपको भी आंखों से भी देख सकते हैं इससे किसी तरह के नुकसान की संभावना नहीं होती है लेकिन चंद्रमा को टेलिस्कोप के जरिए देखने में अपना ही एक मजा है इस तरह के इंतजाम देश के अलग-अलग शहरों में किए गए हैं राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां पर नेहरू तारामंडल में टेलिस्कोप के जरिए चंद्र ग्रहण देखने का इंतजाम आम जनता के लिए किया गया है।
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