नई दिल्ली
बच्चों के लिए अच्छे स्कूल का चुनाव करने के लिए अब पैरंट्स को भटाना नहीं पड़ेगा। और ना ही स्कूलों के झूठे दावों और झांसे में आकर अभिभावक गलत निर्णय लेकर पछतायेंगे।काफी लंबे समय के इंतजार के बाद CBSE ने क्वॉलिटी के आधार पर स्कूलों की ग्रेडिंग करने की योजना है। यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों की रैकिंग जारी करने के बाद सरकार आधिकारिक गुणवत्ता सूचकांक के आधार पर CBSE स्कूलों की भी रैकिंग कर सकती है।
CBSE से जुड़े देश में 18 हजार स्कूल और विदेश में 250 स्कूल हैं। सूत्रों ने बताया कि ग्रेडिंग की पहल के तहत इमारतों की बजाय ऐकडेमिक कार्यों को ज्यादा तवज्जो दी जाएगी। सीबीएसई के अध्यक्ष आर. के. चतुर्वेदी ने कहा कि हम स्कूलों का मूल्यांकन करेंगे और इसमें ज्यादा तवज्जो आधारभूत ढांचे की बजाय अकादमिक गुणवत्ता पर होगी।
बच्चों के लिए अच्छे स्कूल का चुनाव करने के लिए अब पैरंट्स को भटाना नहीं पड़ेगा। और ना ही स्कूलों के झूठे दावों और झांसे में आकर अभिभावक गलत निर्णय लेकर पछतायेंगे।काफी लंबे समय के इंतजार के बाद CBSE ने क्वॉलिटी के आधार पर स्कूलों की ग्रेडिंग करने की योजना है। यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों की रैकिंग जारी करने के बाद सरकार आधिकारिक गुणवत्ता सूचकांक के आधार पर CBSE स्कूलों की भी रैकिंग कर सकती है।
CBSE से जुड़े देश में 18 हजार स्कूल और विदेश में 250 स्कूल हैं। सूत्रों ने बताया कि ग्रेडिंग की पहल के तहत इमारतों की बजाय ऐकडेमिक कार्यों को ज्यादा तवज्जो दी जाएगी। सीबीएसई के अध्यक्ष आर. के. चतुर्वेदी ने कहा कि हम स्कूलों का मूल्यांकन करेंगे और इसमें ज्यादा तवज्जो आधारभूत ढांचे की बजाय अकादमिक गुणवत्ता पर होगी।
