हिसार

आदमपुर विधानसभा से क्यों हारी भाजपा, जानें मुख्य 6 कारण

आदमपुर,
आदमपुर विधानसभा से भाजपा की हार का कारण पर विचार—विमर्श होने लगा है। आदमपुर धरातल पर बात की जाए तो भाजपा के प्रति यहां के लोगों में काफी रोष देखने को मिल रहा था। आदमपुर क्षेत्र में विकास कार्यों की लगातार अनदेखी हुई। शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण क्षेत्र हर जगह पर विकास कार्यों की अनदेखी हुई। हिसार लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी जयप्रकाश जेपी करीब 63 हजार से ज्यादा वोटो से जीते है। इस जीत में आदमपुर विधानसभा का काफी योगदान रहा।

पहला कारण
पूर्व सीएम मनोहरलाल ने लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान नलवा विधानसभा क्षेत्र के गांव कैमरी में रैली की थी। रैली में उन्होंने पूर्व सीएम चौधरी भजनलाल का नाम लिए बिना भ्रष्टाचार को लोग टिप्पणी की थी। भ्रष्टाचार का एक किस्सा सुनाते हुए लोगों से पूछा कि आप समझ गए ना किसको कह रहा हूं। इसके बाद बिश्नोई समाज के लोगों में गहरा रोष उभरा। बाद में पूर्व सीएम ने फतेहाबाद में आयोजित रैली में भजनलाल को लेकर अपनी टिप्पणी के बारे में कहा कि वह चौधरी भजनलाल को लेकर नहीं थी। लेकिन इससे बिश्नोई समाज का रोष कम नहीं हुआ। इसके चलते बिश्नोई बेल्ट में भी कांग्रेस को काफी वोट मिले। आदमपुर विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी रणजीत सिंह को कांग्रेस प्रत्याशी जयप्रकाश से करीब 9800 वोटों करारी हार मिली है।

दूसरा कारण
आदमपुर शहर को भाजपा सरकार ने जबरन नगर पालिका बना दिया था। इसके बाद से लोगों में भाजपा के प्रति काफी रोष देखने को मिल रहा था। लोगों ने कई बार साफ शब्दों में ऐलान किया था कि यदि नगर पालिका को नहीं हटाया गया तो वे वोट से भाजपा को सबक सिखायेंगे। लोगों ने जैसा कहा, वैसा कर भी दिखाया। जयप्रकाश जेपी ने आरंभ से ही आदमपुर के लोगों को आश्वासन देते आए है कि कांग्रेस के सत्ता में आते ही आदमपुर में दोबार से ग्राम पंचायत को लागू करवाने का काम करेंगे। इसके चलते लोगों ने खुलकर कांग्रेस का साथ दिया।

तीसरा कारण
बालसमंद बेल्ट लम्बे समय से नहरी पानी के लिए तरस रही है। भाजपा सरकार बार—बार किसानों को आश्वासन तो देती रही है लेकिन नहरी पानी देने में नाकाम रही है। इसके चलते इस पूरी बेल्ट में भाजपा के प्रति लोगों में भारी रोष देखने को मिल रहा था। भाजपा नेताओं को इसका आभास भी था लेकिन इसके बाद भी उन्होंने यहां के लोगों की मांग को नजरअंदाज किया। वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे को गहराई से समझा और लोगों को पूरी तरह से आश्वसत किया कि कांग्रेस सरकार आते ही सीसवाल से नहरी खाला लाकर बालसमंद बेल्ट को पानी दिया जाएगा।

चौथा कारण
आदमपुर हलके के अधिकतर क्षेत्र में सड़क से लेकर स्वच्छ पेयजल की बड़ी समस्या हैं। आमजन स्वच्छ पेयजल के लिए तरस गए है। क्षेत्र में 800 टीडीएस तक का पेयजल सप्लाई में दिया जा रहा है। वहीं शहर से लेकर गांवों तक में सड़क व्यवस्था का जनाजा निकला हुआ है। आदमपुर शहर में सिवरेज समस्या और बरसाती पानी निकासी की बड़ी समस्या है। इससे आमजन काफी परेशान है। अधिकारी वर्ग के रवैये से भी लोग काफी परेशान रहे। इसका नतीजा यह रहा कि लोगों ने भाजपा को खुलकर वोट नहीं किया।

पांचवा कारण
आदमपुर के लोगों को भरोसा था कि भाजपा सरकार उनके विधायक भव्य बिश्नोई को मंत्रीमंडल में स्थान देगी। लेकिन कुलदीप बिश्नोई के बार—बार मांग करने के बाद भी भव्य बिश्नोई को मंत्री मंडल में शामिल नहीं किया गया। इसके चलते आदमपुर के लोगों में भाजपा के प्रति काफी रोष देखने को मिला। कुलदीप बिश्नोई और भव्य बिश्नोई द्वारा काफी समय तक चुनाव प्रचार में हिस्सा न लेने से आमजन में संदेश गया कि बिश्नोई परिवार भाजपा से ज्यादा खुश नहीं है। इसके चलते अधिकतर लोगों ने कांग्रेस के पाले में जाना उचित समझा। वहीं काफी बड़ी संख्या में लोगों ने मतदान से ही दूरी बना ली।

छठा कारण
कांग्रेस प्रत्याशी जयप्रकाश जेपी लगातार आदमपुर के लोगों के सम्पर्क में रहे। उन्होंने आदमपुर के चुनावी धरातल को अच्छी से देखा और समझा। उन्होंने पाया कि बिना बिश्नोई समाज के वोट पाएं आदमपुर में विजयश्री को नहीं पाया जा सकता। इसके चलते उन्होंने बिश्नोई समाज के बड़े चेहरे रहे चौ. पोकरमल के बेटे प्रदीप बैनीवाल को अपना सारथी बनाते हुए उन्हें चुनाव जीताने की बड़ी जिम्मेवारी दी। इस पर प्रदीप बै​नीवाल खरे भी उतरे। इसी तरह से आदमपुर क्षेत्र के मेहनती और पुराने वफादार युवा कार्यकर्ता भूपेंद्र कासनियां की मेहनत ने भी इस जीत के तड़के में प्याज का स्वाद देने का काम किया।

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Jeewan Aadhar Editor Desk