धर्म

ओशो:उडिय़ो पखं पसार

जीवन आधार पत्रिका यानि एक जगह सभी जानकारी..व्यक्तिगत विकास के साथ—साथ पारिवारिक सुरक्षा गारंटी और मासिक आमदनी और नौकरी भी..अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे।

जीवन आधार जनवरी माह की प्रतियोगिता में भाग ले…विद्यार्थी और स्कूल दोनों जीत सकते है हर माह नकद उपहार के साथ—साथ अन्य कई आकर्षक उपहार..अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे।

पार्ट टाइम नौकरी की तलाश है..तो जीवन आधार बिजनेस प्रबंधक बने और 3300 रुपए से लेकर 70 हजार 900 रुपए मासिक की नौकरी पाए..अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे।

पत्रकारिकता के क्षेत्र में है तो जीवन आधार न्यूज पोर्टल के साथ जुड़े और 72 हजार रुपए से लेकर 3 लाख रुपए वार्षिक पैकेज के साथ अन्य बेहतरीन स्कीम का लाभ उठाए..अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे।

डेल कारनेगी की बड़ी प्रसिद्ध किताबें हैं- हाउ टू विन फे्रड्स एण्ड इन्फ्लूएंस पीपल? मित्रता कैसे बढ़े,लोग कैसे जीते जाए? अभी अपने को जीता नहीं है, लोगों को जीतने चले। मगर लोग पढ़ते हैं। कहते हैं बाइबिल के बाद सबसे ज्यादा दुनिया में जो किताब बिकी है,वह वही है- डेल कारनेगी की किताब। बाइबिल के बाद। तो मलतब साफ है कि बाइबिल से ज्यादा बिक गई,क्योंकि बाइबिल खरीदता कौन है, मुफ्त बांटी जाती हैं। लोग बांटते ही रहते हैं बाइबिल । फिर हर ईसाई को रखनी ही पड़ती है घर में। न तो कोई कभी पढ़ता है,न कभी को पन्ने उलटता है। कौन पढ़ता है?
एक छोटे बच्चे से उसके पादरी ने पूछा कि तुमने अपना पाठ पूरा किया? बाइबिल पढ़ कर आए हो? क्या है बाइबिल में?
उस बच्चे ने कहा: सब मुझे मालूम है कि बाइबिल में क्या हैं।
उस पदरी ने कहा सब तुम्हें मालूम है, सब तो मुझे भी नहीं मालूम
क्या तुम्हें मालूम हैं?
उसने कहा कि मेरे पिताजी की लॉटरी की टिकेट है उसमें। मेरे छोटे भाई के बालों का गूच्छा है उसमें । मेरी मां ने एक ताबीज भी रखा हुआ है उसमें,किसी हिमालय से आए हुए महात्मा ने दिया है। मुझे सब चीजें पता हैं कि उसमें क्या-क्या हैं।
कौन बाइबिल को देखता है। कौन बाइबिल को पढ़ता है। कौन खरीदता है। इस तरह की किताबे बिकती है? जीवन में सफल कैसे हों? सम्मान कैसे पाएं? धन कैसे पाएं? नेपोलियन हिल की प्रसिद्ध किताब हैं: हाउ टू ग्रो रिच। लाखों प्रतियां बिकी हैं।
ये सारे लोग तुम्हें विधियां दे रहे है कि और गहरी नींद कैसे सोओ, और मजे से कैसे सोओ, सेज फूलों की कैसे बने, सपने मधुर कैसे आएं, सपने रंगीन और टेक्रीकलर कैसे हो? अब ब्लैक और व्हाईट सपने बहुत देख चुके, अब सपनों में थोड़ा रंग डालो। थोड़े सपनों की कुशलता और कला सीखो। ये लौरियां गाने वाले लोग हैं।
इसलिए धनी धदमदास कहते हैं: अब हम सांची कहत हैं। अब तुम्हें भला लगे या बुरा, हम सच बात ही कह देते हैं कि तुम चाहो तो इसी वक्त, इसी क्षण… उडिय़ो पखं पसार। पंख तुम्हारे पास है। कारागृह किसी और की बनाई हुई नहीं हैं। तुम्हारी अपनी बनाई हुई है। कोई पहरेदार नहीं है। तुम्हीं कैदी हो, और तुम्हीं पहरेदार हों। तुम जब तक अपने को गुलाम रखना चाहते हो, रहोगे, जब तक अन्धे रहना चाहते हो, रहोगे। जिस दिन निर्णय करोगे कि नहीं अंधे रहना, उसी क्षण क्रांति शुरू हो जायेगी। सिर्फ तुम्हारे निर्णय की देर हैं। सिर्फ तुम्हारे संकल्प के जगने की देर हैं। और किसी चीज की कमी नहीं हैं।
जीवन आधार बिजनेस सुपर धमाका…बिना लागत के 15 लाख 82 हजार रुपए का बिजनेस करने का मौका….जानने के लिए यहां क्लिक करे

Related posts

परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—203

परमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—44

Jeewan Aadhar Editor Desk

सत्यार्थप्रकाश के अंश-08