हिसार

नीजि बस संचालक उतरे हाथापाई पर, 2 बसें सवारी की भरकर निकले

हिसार
दो दिन रोडवेज यूनियनों ने मिलकर हिसार डिपो पर चक्का जाम रखा। अधिकारियों से बातचीत के बाद शुक्रवार देर शाम चक्का जाम वापिस लिया गया। समझौते के अनुसार अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि नए परमिट वाली नीजि बसों को बस स्टैंड की 50 मीटर की दूरी में भी नहीं आने दिया जायेगा। अधिकारियों के आश्वासन आज उस समय तार—तार हो गए जब 1—2 नहीं बल्कि पूरत 14 नए परमिट वाली बसें बस स्टैंड में आ गई। इनमें से 2 बसों ने तो सवारी भी लोड की और स्टैंड से निकल भी गई। मामले की जानकारी मिलने पर रोडवेज कर्मचार नेता मौके पर पहुंचे तो नीजि बस संचालकों और उनके साथ आए 20—25 लोगों ने कर्मचारी नेताओं के साथ धक्कामुक्की कर हाथापाई भी की। लेकिन मौके पर रोडवेज बस के चालकों और परिचालाकों को आते देख वे खिसक गए। बाद में आरटीओ और अधिकारी मौकेे पर पहुंचे, इन्होंने बस स्टैंड में खड़ी 12 बसों को बाहर निकाल दिया।
हालांकि बसों को बाहर निकाले जाने के बाद मामला एक बार शांत हो गया, लेकिन हाथापाई को लेकर यूनियन नेताओं ने एक बैठक बुलाई है—इससे मामला गर्मा सकता है। डिपो प्रधान रामसिंह बिश्नोई का कहना है कि समझौते के बाद प्रशासन को अपने स्तर पर सुबह 5 बजे से कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन प्रशासन यूनियन के पदाधिकारियों के विरोध के बाद ही मौके पर पहुंचा। साथ ही उन्होंने कहा कि जो बसें यूनियन पदाधिकारियों के आने से पहले सवारी लेकर निकली है, उन बसों को प्रशासन द्वारा जब्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी यूनियनों के पदाधिकारी इस बारे में अधिकारियों के साथ बैठक कर अपनी मांगे रखेंगे।

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