नई दिल्ली,
अक्सर कहते हैं कि रुपए देखते ही लोगों की नियत बदल जाती है। हो सकता है कि यह कहावत बहुत सारे लोगों पर लागू होती हो, लेकिन आज कुछ लोग ऐसे हैं, जिनके लिए रुपयों से बड़ा ईमान है। इन्हीं ईमानदारी लोगों ने एक है CISF के एसिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) जेएस सैनी। ASI जेएस सैनी ने अपनी ईमानदारी का सबूत चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन में हुई एक घटना के दौरान दे दिया।
दरअसल, ASI जेएस सैनी की तैनाती दिल्ली मेट्रो के चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन में थी। मंगलवार रात्रि करीब 8:40 बजे ASI जेएस सैनी ने एक्स-रे मशीन के आउटपुट रोलर पर एक लावारिस बैग पड़ा हुआ देखा। ASI जेएस सैनी ने तत्काल इस बैग के बाबत अपने शिफ्ट इंचार्ज सब इंस्पेक्टर श्रवण कुमार को जानकारी दी। शिफ्ट इंचार्ज से निर्देश मिलने के बाद उन्होंने पहले सुरक्षा के लिहाज से बैग की जांच की। जिसमें सबकुछ सामान्य पाया गया।
सुरक्षा जांच के बाद जब बैग को खोला गया तो उसके भीतर ASI जेएस सैनी को 50,000 रुपए नगद और कुछ कागजात मिले। ASI जेएस सैनी ने पहले रुपए से भरे इस बैग को पहले स्टेशन कंट्रोलर के पास जमा कराया, फिर रुपयों से भरे बैग के मालिक की तलाश में जुट गए लेकिन उन्हें मेट्रो स्टेशन पर उन्हें बैग की शिनाख्त करने वाला कोई नहीं मिला। आखिर में उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की मदद से एक्स-रे में बैग डालने वाले की तलाश शुरू की।
उनकी मेहनत रंग लाई। कुछ मिनट की कवायद के बाद उन्होंने सीसीटीवी फुटेज में खोज निकाला, जिसने उस बैग को एक्स-रे मशीन में डाला था। ASI जेएस सैनी ने उस शख्स की फोटो स्टेशन पर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को दिखाते हुए निर्देश दिए कि जब यह शख्स स्टेशन आए, उसे उसका रुपयों से भरा बैग लौटा दिया जाए। ASI जेएस सैनी इस कवायद पर जुटे ही थे, तभी जीतेंद्र सिंह नामक शख्स चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन पर पहुंचा।
#CISF restores a bag containing cash Rs 50,000/- & other valuables to its rightful owner namely Mr jitendra Singh, resident of Shalimar Bagh, Delhi @ Chandni Chowk metro station , DMRC, Delhi. Team #CISF appreciated. pic.twitter.com/ksYuguivUn
— CISF@India (@CISFHQrs) June 6, 2018
जीतेंद्र सिंह को देखते ही ASI जेएस सैनी ने उसे पहचान लिया। जीतेंद्र सिंह वही शख्स था, जिसने एक्स-रे में रुपयों से भरा बैग डाला था। ASI जेएस सैनी के पूछने पर जीतेंद्र सिंह ने बताया कि वह जल्दबाजी में अपना बैग मेट्रो स्टेशन के एक्स-रे में भूल गया था। कश्मीरी गेट पहुंचने के बाद उसे अपने बैग की याद आई। इसके बाद वह भागता हुआ चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन चला आया।
इसके बाद, ASI जेएस सैनी अपने साथ जीतेंद्र सिंह को लेकर स्टेशन कंट्रोलर के पास पहुंचे। जहां प्रोपर वैरीफिकेशन के बाद जीतेंद्र सिंह उसका बैग, कागजात और 50,000 रुपए वापस कर दिए।