जैसलमेर,
राजस्थान के रामगढ़ से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां रामगढ़ सरकारी अस्पताल में प्रसव के दौरान डॉक्टर्स ने बच्चे के पैर इतनी जोर से खींचे कि उसका सिर धड़ से अलग हो गया और और सिर अंदर ही रह गया। इस बात को छिपाने के लिए रामगढ़ के डॉक्टर्स ने बच्चे को जैसलमेर रेफर कर दिया। यहां जब डॉक्टर्स ने जांच की तो पता लगा कि महिला की डिलीवरी हो चुकी है।
महिला के परिवारवालों को जैसलमेर के जवाहर अस्पताल के डॉ. रविंद्र सांखला ने बताया कि महिला की डिलीवरी हो गई है, लेकिन आंवल अंदर रह गई है। केस क्रिटिकल है इसलिए हमने महिला को जोधपुर के उम्मेद अस्पताल के लिए रेफर किया है।
फिर महिला को उसके परिवार वाले जोधपुर के उम्मेद अस्पताल लेकर गए। यहां जब डॉक्टर्स ने प्रसव का प्रयास किया तो वो हैरान रह गए। प्रसव के दौरान बच्चे का सिर ही बाहर निकला। उन्होंने महिला के परिवार वालों को केवल सिर निकलने की जानकारी दी।
सिर लेकर थाने पहुंचे परिवार वाले
प्रसव के दौरान बच्चे का सिर धड़ से अलग होने की खबर लगने के बाद नाराज परिजन सिर लेकर रामगढ़ पुलिस थाने पहुंचे। यहां उन्होंने डॉक्टर्स के खिलाफ लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर मामला दर्ज करवाया।
छिपाते रहे प्रसव की बात
रामगढ़ अस्पताल के डॉक्टर प्रसव के दौरान सिर धड़ से अलग होने की बात पुलिस से छिपाते रहे। लेकिन पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने बच्चे के सिर से धड़ अलग होने की बात मान ली। बच्चे के शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। महिला की हालत नाजुक है और उसे जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में भर्ती किया गया है।