धर्म

परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—820

एक छोटे से गाँव में दो दोस्त रहते थे—आर्यन और सोम। दोनों एक ही लोहार की दुकान पर काम करते थे। उनकी आर्थिक स्थिति खराब थी, लेकिन उनके सपने अलग-अलग थे।

एक दिन, गाँव में घोषणा हुई कि राजा को अपनी सेना के लिए बेहतरीन तलवारें चाहिए। सोम ने कहा, “हम बस कुछ साधारण कुल्हाड़ियाँ बना कर दे देते हैं, कम से कम कुछ पैसे तो मिल जाएंगे।”

लेकिन आर्यन ने बड़ा सोचा। उसने कहा, “नहीं सोम! हम ऐसी तलवार बनाएंगे जो पत्थर को भी काट दे। हम सिर्फ मजदूर नहीं, राज्य के सबसे बेहतरीन कारीगर बन सकते हैं।” सोम हँसा, “अपनी हैसियत देख आर्यन, हम सिर्फ लोहार हैं।” आर्यन ने मुस्कुरा कर जवाब दिया, “विचारों पर किसी का अधिकार नहीं है, दोस्त।”

तभी उन्हें पता चला कि राजा के मंत्री अगले दिन ही नमूने देखने आ रहे हैं। सोम घबरा गया और पुराने ढर्रे पर काम करने लगा। आर्यन ने जल्दी सोचा। उसने समय बर्बाद करने के बजाय गाँव के पुराने पुस्तकालय से धातु विज्ञान की एक पुरानी किताब निकाली और एक नई तकनीक सीखी जिससे लोहा हल्का और मजबूत हो सके। उसने रात भर जागकर एक अनोखा डिजाइन तैयार कर लिया।

जब मंत्री आए, तो सोम ने एक साधारण तलवार पेश की। लेकिन आर्यन ने तलवार के साथ एक ‘कवच’ भी पेश किया। मंत्री ने पूछा, “मैंने तो सिर्फ तलवार मांगी थी?”

आर्यन ने कहा, “हुजूर, मैंने आगे की बात सोची। अगर हमारी सेना के पास सबसे तेज तलवार होगी, तो दुश्मन भी वैसी ही तलवार बनाने की कोशिश करेगा। इसलिए हमें आज ही अपनी रक्षा के लिए मजबूत कवच की जरूरत होगी।”

राजा आर्यन की दूरदर्शिता और उसकी बड़ी सोच से इतने प्रभावित हुए कि उसे राज्य का मुख्य ‘रक्षा सलाहकार’ बना दिया गया। सोम वहीं का वहीं रह गया क्योंकि उसने अपनी सोच को अपनी गरीबी की जंजीरों में बांध लिया था।

धर्मप्रेमी सुंदरसाथ जी, आपकी सफलता आपके बैंक बैलेंस से नहीं, बल्कि आपकी सोच की गहराई से तय होती है। जैसा कि धीरूभाई अंबानी ने सिखाया:

अपनी सीमाओं को खुद मत बांधो (बड़ा सोचो)।

वक्त का इंतजार मत करो, पहल करो (जल्दी सोचो)।

कल की जरूरतों को आज पहचानो (आगे सोचो)।

Shine wih us aloevera gel

Related posts

सदलपुर में जांभाणी हरिकथा ज्ञानयज्ञ 1 फरवरी से : राहड़

परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—169

परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—409