हिसार

माता-पिता को प्यासा छोडक़र राहगीरों को पानी पिलाने से खुश नहीं होंगे भगवान: स्वामी सदानंद

आदमपुर (अग्रवाल)
घर में माता-पिता को प्यासा छोडक़र बाहर राहगीरों को पानी पिलाने से भगवान कभी खुश नहीं होंगे और उसके जीवन में कभी खुशियां नहीं आयेगी। अगर घर में मौजूद बुजुर्ग माता-पिता की सेवा की और कभी दुख नहीं पहुंचाया तो उस व्यक्ति जीवन में कभी दुख नहीं आयेगा और हर समय जिदंगी में खुशहाली का माहौल रहेगा। उक्त विचार शनिवार को लेडिज मार्कीट में लखीराम धर्मशाला में श्रीकृष्ण प्रणामी महिला सत्संग मंडल द्वारा आयोजित भागवत कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रणामी मिशन के प्रमुख स्वामी सदानंद महाराज ने कही।
भागवत कथा के शुभारंभ से पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई जो बोगा मंडी स्थित श्री कृष्ण प्रणामी सत्संग भवन से आरंभ होकर क्रांति चौक, मैन बाजार, एडिशनल मंडी, नई अनाज मंडी, लेडिज मार्कीट होते हुए कथा स्थल पहुंची। कलश यात्रा के दौरान सैंकडों महिलाओं ने अपने सिर पर मंगल कलश धारण किया। प्रवचन करते हुए स्वामी सदानंद महाराज ने सर्वप्रथम मंगलाचरण का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी काम का शुभारंभ करने से पूर्व भगवान को याद किया जाता है, जिसे मंगलाचरण कहते है।
इस मौके पर गुलाब सिंह शर्मा, अशोक बंसल,राकेश शर्मा, अनिल बंसल, रामबिलास गोयल, भालसिंह, गोपाल गोयल, मामराज मिश्रा, बैजनाथ, सत्यवान, तपिश शर्मा, महादेव गर्ग, सुनील, दिनेश, प्रेमलता, सरिता सचदेवा, शीला, सरिता, शोभा, उषा, सुमन, मोनिका, मिनाक्षी, मीनू, ममता सहित सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

Related posts

डीए व एलटीसी पर रोक और विभागों के निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों ने किया हल्ला बोल प्रदर्शन

उर्वरकों का अंधाधुंध प्रयोग पर्यावरण व जीवों के लिए घातक : कुलपति कम्बोज

हिसार के गुजविप्रौवि व जिंदल स्टेनलेस के बीच हुआ एमओयू

Jeewan Aadhar Editor Desk