हिसार,
सिरसा रोड पर निर्माणाधीन तिरुपति धाम में धाम से जुड़े ट्रस्टियों की बैठक में भागवताचार्य आचार्य अशोक शास्त्री (47) के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख प्रकट किया गया तथा दो मिनट का मौन धारण करके श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। ट्रस्टी रामनिवास अग्रवाल सी.ए. ने बताया कि राजस्थान के गांव सिरोद तहसील रूपबास जिला भरतपुर के रहने वाले आचार्य अशोक शास्त्री बड़े ही सरल स्वभाव के व्यक्ति थे तथा कर्मकांड के बहुत अच्छे जानकार थे। आचार्य अशोक शास्त्री बाल्यावस्था से ही श्रीधाम वृंदावन में जाकर श्रीगोदा हरिदेव भगवान की तथा स्वामीजी महाराज की सेवा में लग गए थे तथा यहीं पर विद्या ग्रहण करके भारतवर्ष के विभिन्न शहरों तथा तीर्थ स्थानों पर किए जाने वाले 108 भागवत कथा के मुख्य आचार्य वही रहते थे। वे हिसार में भी कई बार भागवत कार्यक्रम करने आ चुके हैं। वे अपने पीछे धर्मपत्नि व तीन नाबालिग बच्चों को छोड़ गए हैं।
आचार्य अशोक शास्त्री के निधन से सनातन धर्म को भारी क्षति पहुंची है जिसकी भरपाई होना मुश्किल है। बैठक में निर्णय लिया गया कि तिरुपति धाम के अध्यक्ष श्री 1008 जगदगुरु त्रिदंडी महराज देवनारायण स्वामी की देखरेख में एक कोष स्थापित करके दिवंगत अनिल शास्त्री के परिवार को सहयोग देने का संकल्प लिया गया। बैठक में राजीव बंसल, पुरुषोत्तम सिंगल, शाम नारायण, जगदीश तोशमिया, अनिल बिंदल, रघुवीर गोयल, राजेश सैनी, सुरेश गोयल आदि उपस्थित रहे।