सर्वजन समाज पार्टी ने उठाई लोहारी राघो को तहसील बनाने की मांग
हिसार,
सर्वजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदकिशोर चावला ने कहा है कि मंडी लोहारी राघो (हिसार) की मार्केट कमेटी फीस 20 करोड़ के लगभग सरकार को आय होती है और पंजाबी बहुल गांव होने के कारण सबसे अधिक भूमि की खरीद फरोख्त गांव लोहारी राघो में की जाती है और यह रिकॉर्ड पर है। नारनौंद तहसील बनाने से पहले यह गाँव हांसी तहसील में था और बाद मे नारनौंद व खेड़ी चौपटा तहसील में डाल दिया गया जबकि खेड़ी चौपटा एक चौपटा था अब राजनीति के कारण उसे उपतहसील घोषित कर रखा है और खट्टर सरकार ने इसे घोषित कर रखा है। इस गांव की अधिकतर भूमि गांव बयान खेड़ा, डाटा, हैबतपुर, गामड़ा, राखी शाहपुर आदि गांव के लोगों ने खरीद रखी है। उनको तहसील का काम करने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है जबकि नारनौंद से पहले लोहारी राघो को हरियाणा सरकार ने तहसील घोषित करनी चाहिए थी परन्तु राजनीति के कारण मंडी लोहारी राघो को तहसील घोषित नहीं किया गया है जिस कारण गांंव की तरक्की रूक गई है। स्वयं मुख्यमंत्री व हांसी से विनोद भयाणा पंजाबी समाज का विधायक होने के बावजूद लोहारी राघो गांव पिछड़ेपन का शिकार है।
नंद किशोर चावला ने कहा कि अब विनोद भयाना जो कि हांसी के विधायक हैं और गांव लोहारी राघो में पैदा हुए हैं और लोहारी राघो गांव के सरपंच भी रह चुके हैं। इस समय हरियाणा सरकार में एमएलए हैं और मनोहर लाल खट्टर हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री हैं फिर भी गांव लोहारी राघो को तहसील घोषित नहीं किया गया है। दोनों बड़े पंजाबी नेताओं के होने के बावजूद लोहारी राघो तहसील घोषित नहीं की गई है जिससे दोनों नेता भविष्य में घोर पंजाबी विरोधी नेता कहलाएंगे। चावला ने कहा कि जनता अब सब समझती है कि ये नेता पहले के पंजाबी नेताओं की तरह वोट तक ही सीमित हैं या पंजाबी समाज का काम भी करवाते हैं या नहीं या फिर केवल पंजाबियों की वोट की राजनीति करते हैं।
सर्वजन समाज पार्टी दोनों नेताओं से अनुरोध व मांग करती है कि हांसी जिला बनने से पहले मंडी लोहारी राघो को तहसील घोषित किया जाए ताकि जनता में उठ रही इन नेताओं की पंजाबी विरोधी होने की आवाज समाप्त हो सके।