राजस्थान हिसार

बच्चों में धर्म, संस्कार व नैतिक शिक्षा जैसे संस्कार होने जरूरी : आचार्य सच्चिदानंद

12 हजार में बच्चा पूरी सबदवाणी सीखे तो सौदा सस्ता, हर अभिभावक दें इस पर ध्यान

तलवंडी बादशाहपुर में बिश्नोई समाज संस्कार परीक्षा आयोजित, पृथ्वी सिंह गिला ने दिया बच्चों को नकद इनाम

हिसार,
बिश्नोई समाज के प्रमुख धाम लालासर साथरी के महंत आचार्य सच्चिदानंद स्वामी ने कहा है कि बच्चों में नैतिक शिक्षा, संस्कार व धर्म की जानकारी होना बहुत जरूरी है। उन्होंने पौराणिक कथाओं का हवाला देते हुए कहा कि यदि हम धर्म की रक्षा करेंगे तो धर्म हमारी रक्षा करेगा, इसलिए बच्चों को धर्म के बारे में जानकारी अवश्य दें।
स्वामी सच्चिदानंद स्वामी निकटवर्ती गांव तलवंडी बादशाहपुर में श्री गुरू जम्भेश्वर मंदिर के लोकार्पण अवसर पर विराट जंभवाणी कथा के दौरान आयोजित बिश्नोई समाज संस्कार परीक्षा के दौरान उपस्थितजनों व आए हुए बच्चों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बिश्नोई पंथ की स्थापना करते समय गुरू जम्भेश्वर भगवान ने हमें जो 29 नियम व आचार संहिता दी, उसकी पालना अवश्य करनी चाहिए। यदि हम इस आचार संहिता का उल्लंघन करते हैं तो यह धर्म विरुद्ध कार्य है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को यदि हम संस्कार, धर्म व नैतिकता की शिक्षा देंगे तो उन पर गहरा प्रभाव पड़ेगा और उनमें धार्मिक भावना विकसित होगी।
इससे पहले शनिवार को कथा में पहुंचे पर्यावरण प्रेमी पृथ्वी सिंह गिला ने स्वामी सच्चिदानंद स्वामी को बिश्नोई समाज संस्कार करवाने की जानकारी दी। इस पर स्वामी जी ने शनिवार को घोषणा की थी कि जो बच्चा परीक्षा के पश्चात सबदवाणी का पहला शब्द कंठस्थ करके सुनाएगा उसे 100 रुपये का नगद इनाम दिया जाएगा। इस घोषणा का असर यह हुआ कि 24 बच्चों ने कंठस्थ करके पहला शब्द सुनाया। इसमें भी विशेष बात यह रही कि लड़के सिर्फ तीन थे जबकि लड़कियां 21 थी जिन्होंने शब्द सुनाया। तीन बच्चों ने शुक्ल हंस सबद कंठस्थ सुनाया और एक लड़की ने 120वां सबद भी सुनाया। इस प्रकार पृथ्वी सिंह गिला ने सभी 28 बच्चों को 100, 100 रुपये का नकद पुरस्कार दिया। इससे पहले जब भी कथा होती थी एक या दो बच्चे ही सबदवाणी का पहला शब्द सुना पाते थे।
महंत आचार्य श्री सच्चिदानंद स्वामी ने कहा कि 100 रुपये के पुरस्कार के कारण आपका बच्चा सबदवाणी का एक सबद याद कर सकता है, तो 120 शब्द याद करवाने में 12000 रुपये का घर खर्चा होता है तो भी यह एक सस्ता सौदा है। सभी अभिभावकों को यह करना चाहिए।
परीक्षा के आयोजक पृथ्वी सिंह गिला व एडवोकेट बनवारी लाल बिश्नोई ने बताया कि आज की परीक्षा में 124 परीक्षार्थियों ने भाग लिया। इसमें 64 परीक्षार्थियों ने शत-प्रतिशत अंक लिए तथा शत—प्रतिशत अंक लेने वालों को शब्दवाणी के साथ ही बालपोथी भी दी गई। कुछ बच्चों को तख्ती एग्जाम बोर्ड भी दिए गए। परीक्षा में बैठने वाले सभी परीक्षार्थियों को सबदवाणी दी गई। दो अनपढ़ व्यक्तियों ओमप्रकाश धतरवाल व रामकुमार डारा ने मौखिक परीक्षा दी। एडवोकेट बनवारी लाल बिश्नोई ने 76वां सबद का अर्थ काव्य रूप में सुनाया।
इस अवसर पर उपरोक्त के अलावा प्रधान महेन्द्र गोदारा, उप प्रधान कांशीराम सहारण, हंसराज धतरवाल, रंगलाल सहारण, मनोहर गोदारा, रामकुमार जाणी, सुभाष गोदारा, बंसीलाल कालीराणा, डॉ. सुरेंद्र बिश्नोई, बलदेव डारा, दलीप धतरवाल फौजी, हेतराम भादू, संतलाल सहारण, ओमप्रकाश धतरवाल, बलवंत मास्टर, पृथ्वी सिंह खीचड़, रितु बिश्नोई, सुमित ईशरवाल आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


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