आदमपुर,
आदमपुर क्षेत्र के लोगों की वर्षों पुरानी लंबित मांग अब कागजों से निकलकर धरातल पर आती दिखाई दे रही है। सरकार द्वारा आदमपुर-अग्रोहा मार्ग को जहां फोर लेन किया जाएगा वहीं इसी मार्ग पर रेलवे ओवर ब्रिज (आर.ओ.बी.) का निर्माण किया जाएगा। नए साल में आदमपुर क्षेत्रवासियों को फोर लेन और आर.ओ.बी. के रूप में एक नायाब तोहफा मिलने जा रहा है। आदमपुर-भादरा बाइपास स्थित रेवाड़ी-बठिंडा रेल मार्ग पर फाटक नंबर 112 पर रेलवे ओवर ब्रिज (आर.ओ.बी.) और अग्रोहा-आदमपुर मार्ग को फोर लेन करने की कवायद शुरू हो गई है।
इसके लिए पी.डब्ल्यू.डी. बी.एंड आर. हिसार ब्रांच ने आदमपुर बिजली विभाग से ट्रांसफार्मर, बिजली के खंभे व लाइनों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए एस्टीमेट मांगे है। इसके बाद बिजली विभाग ने रेल फाटक के आसपास लगी बिजली की लाइनों व ट्रांसफार्मर को हटाने के लिए 50 लाख 35 हजार 300 रुपये का एस्टीमेट बनाकर पी.डब्ल्यू.डी. को भेजा है। इसके अलावा आदमपुर से अग्रोहा मार्ग तक बनने वाले फोर लेन का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। जीवन आधार नवंबर माह प्रतियोगिता.. प्ले ग्रुप से दसवीं तक विद्यार्थी और स्कूल दोनों जीतेंगे सैंकड़ों उपहार.. अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे
फोर लेन के लिए पी.डब्ल्यू.डी. हिसार ब्रांच ने बिजली विभाग के अलावा नहरी विभाग, वन विभाग व अन्य विभाग से एस्टीमेट मांगे है। आदमपुर बिजली निगम के एस.डी.ओ. धीरज कुमार ने बताया कि रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए बिजली के ट्रांसफार्मर, लाइनों व खंभों को शिफ्ट करने के लिए उच्चाधिकारियों से एस्टीमेट पास करवाकर पी.डब्ल्यू.डी. को पैसे जमा करवाने के लिए भेजा है। पैसे जमा होते ही ट्रांसफार्मर, बिजली की लाइनों व खंभों को शिफ्ट करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा फोर लेन के लिए भी एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है।
आर.ओ.बी. के लिए गत वर्ष मिली थी मंजूरी
रेल बजट 2016-17 में तत्कालीन रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने करोड़ों रुपये के ओवर ब्रिज के रूप में आदमपुर क्षेत्र के लोगों को बड़ी सौगात दी थी। ओवर ब्रिज बनने के बाद क्षेत्र के हजारों लोगों को निश्चित रूप से जाम और परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। ट्रैफिक के दबाव चलते यहां ओवर ब्रिज बनना बड़ी जरुरत थी। मंडी आदमपुर में बढ़ी आबादी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने लाइनपार इलाके को जवाहर नगर के नाम से नई पंचायत का गठन किया था। मंडी आदमपुर की अधिकतर आबादी इस इलाके में बसती है।
इस समय आदमपुर और जवाहर नगर के लोगों को दोनों तरफ आवागमन के लिए दड़ौली रेल फाटक, भादरा-कालेज रोड रेल फाटक और भादरा बाइपास रेल फाटक से होकर गुजरना पड़ता है। लाइनपार क्षेत्र में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान, आई.टी.आई. के अलावा आधा दर्जन सरकारी और प्राइवेट स्कूल है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में छात्र और लोग इन रेलवे फाटक से होकर गुजरते है। रेलवे फाटक बंद रहने से हर रोज यहां लंबा जाम लग जाता है, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 3 महिने नौकरी करो और सालभर वेतन लो, अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे।
ट्रैन आने के समय कई बार तो देर तक फाटक बंद रहने से लोगों को जान जोखिम में डालकर यात्री व माल गाडिय़ों के नीचे से होकर गुजरना पड़ता है। अचानक गाड़ी के चलने से लोग कई बार मौत को नजदीक से देख चुके है। कई बार सडक़ हादसे के समय रेल फाटक बंद होने से मरीजों को ले जाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। समय पर एम्बुलैंस भी नहीं पहुंच पाती। हिसार से वाया अग्रोहा-आदमपुर होकर राजस्थान जाने के लिए सेना और बड़े वाहन इस मार्ग का प्रयोग करते है। इन्हीं परेशानियों को देखते हुए क्षेत्र के लोगों ने समय-समय पर रेलमंत्री के अलावा डी.आर.एम. और रेलवे के उच्चाधिकारियों से आदमपुर में ओवर ब्रिज बनाने की मांग की थी।
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