हिसार

सद्गुरु सिर्फ बिछड़ी हुई आत्माओं को प्रभु से मिलाता है: बलकार निरंकारी

आदमपुर,
‘इको नूर-ए सबदे अंदर, नर है चाहे नारी-ए, ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, हरिजन इक दी खलकत सारी-ए, संसार की उत्पति और संहार करने वाला रचनहार परमपिता परमात्मा एक ही है। ईश्वर की कोई जाति नही है उसी प्रकार मनुष्य की भी कोई जाति नही है। ईश्वर ने मनुष्य के चेहरे पर ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, हरिजन का कोई सा भी निशान नही लगाया है। पार्ट टाइम नौकरी की तलाश है..तो यहां क्लिक करे।
जाति सिर्फ धरती पर रहने वाले पशु, नभ में विचरण करने वाले पक्षी, और जल में रहने वाले जीवों की होती है। यह भी सिर्फ पहचान के लिए होती है। यह प्रवचन संत निरंकारी मंडलचंडीगढ़ के प्रचारक महात्मा बलकार सिंह ने दड़ौली रोड स्थित सत्संग भवन में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ईश्वर निराकार भी है और साकार भी है। इंसान भी है भगवान भी है। ईश्वर मनुष्य के ह्रदय के अंदर बैठा है। संतों की जुबान पर प्रभु का वास होता है। सद्गुरु सिर्फ बिछड़ी हुई आत्माओं को प्रभु से मिलाता है। जीवन आधार प्रतियोगिता में भाग ले और जीते नकद उपहार

ईश्वरीय अंश आत्मा शरीर में रहती है इसी की कीमत है शरीर की नही। मंच संचालन करते हुए आदमपुर निरंकारी प्रमुख राजेंद्र मेहता ने महात्मा का भव्य स्वागत किया। नंगथला के प्रवीण मेहता ने दुपट्टा पहनाया। मंजू ऐलावादी ने ‘अल्लाह का ठिकाना हमें पता है, आशा ने ‘अब छोड़ दिया है जीवन का सब भार तुम्हारे हाथों में, मेनका मेहता ने ‘मनमत डूबोये गुरुमत तारे, प्रेम नागपाल ने ‘आओ सजा ले आज को कल का पता नही, नेहा ने ‘नचांगी ते गांवांगी आज तेरे सामने, पवन कुमार ने ‘वारी जावां लखवारी आया जग ते गुरु उपकारी सुनाकर संगत को भावविभोर कर दिया। इस मौके पर चंडीगढ़ से रामकृष्ण, जितेंद्र, प्रवीण, आदमपुर से दुलीचंद, कृष्ण वर्मा, बलदेव सिंह, कृष्णलाल चारू, प्रीति, पायल, खुश्बू आदि ने भी भक्तिपूर्ण विचार और गीत रखे।
जीवन आधार बिजनेस सुपर धमाका…बिना लागत के 15 लाख 82 हजार रुपए का बिजनेस करने का मौका….जानने के लिए यहां क्लिक करे

Related posts

पृथ्वी सिंह गिला ने रोडवेज प्रांगण में करवाया पौधारोपण

गुरुद्वारा डेरा भाई जीवन सिंह द्वारा 72वां सालाना समागम 21 को

Jeewan Aadhar Editor Desk

शिवधाम नवीनीकरण योजना के तहत लंबित कार्यों को तय समयावधि में निपटाएं : उपायुक्त

Jeewan Aadhar Editor Desk