देश

किस्मत का फेर..चौथी बार राज्यसभा सांसद बनते-बनते रह गए राजीव शुक्ला

नई दिल्ली,
राज्यसभा के लिए 16 राज्यों की 58 सीटों पर नामांकन भरने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 12 मार्च यानी सोमवार को नामांकन के आखिरी दिन सभी उम्मीदवारों ने अपने पर्चे दाखिल किए। लेकिन कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला के साथ जो हुआ, वो बेहद हैरान करने वाला है। उन्हें पार्टी ने फिर से राज्यसभा भेजने का मौका तो दिया, लेकिन वक्त ने उनका साथ नहीं दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने आखिरी वक्त में राजीव शुक्ला को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने के निर्देश दिए। उन्हें गुजरात से नामांकन भरना था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोपहर करीब 12 बजे राजीव शुक्ला को पार्टी की तरफ से अहमदाबाद पहुंचकर नामांकन भरने के लिए कहा गया।

पार्टी हाईकमान की हरी झंडी मिलते ही राजीव शुक्ला ने अहमदाबाद जाने की तैयारी कर ली। क्योंकि नामांकन का वक्त दोपहर 3 बजे खत्म हो रहा था, इसलिए राजीव शुक्ला ने दिल्ली से अहमदाबाद पहुंचने के लिए चार्टर्ड विमान का इंतजाम किया।

हालांकि, राजीव शुक्ला की ये कोशिशें भी उन्हें गुजरात नहीं पहुंचा पाई। दरअसल, उन्होंने जल्दी पहुंचने के लिए चार्टर्ड विमान की व्यवस्था तो कर ली थी, लेकिन दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे तो पता चला कि लैंडिंग के लिए अहमदाबाद एयरपोर्ट से अनुमति नहीं मिली है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अहमदाबाद एयरपोर्ट पर निर्माण कार्य चल रहा था और वह शाम 7 बजे तक बंद था।

राठवा ने आखिरी समय में भरा नामांकन

गुजरात की चार राज्यसभा सीटों के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने तीन-तीन उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। गुजरात में बीजेपी ने पुरुषोत्तम रुपाला और मनसुख मंडाविया के बाद तीसरे उम्मीदवार के तौर पूर्व विधायक कृति सिंह राणा को उतारा है। वहीं कांग्रेस ने अमि याग्निक और नारायण राठवा को उम्मीदवार बनाया है।

राठवा सोमवार को दोपहर ढाई बजे अहमदाबाद में रिटर्निंग अफसर के यहां पहुंचे और उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। यानी उन्होंने अंतिम समय में नामांकन पत्र भरा। हालांकि, जब उनसे देरी की वजह पूछी गई तो उन्होंने जरूरी कागजात मिलने में देरी का हवाला दिया।

तीन बार राज्यसभा सदस्य रहे राजीव शुक्ला

बता दें कि पत्रकारिता के जरिए राजनीति में कदम रखने वाले राजीव शुक्ला इस बार राज्यसभा में दिखाई नहीं देंगे। राजीव शुक्ला लगातार तीन बार राज्यसभा सदस्य रहे हैं। पहली बार 2000 में यूपी से राज्यसभा के सदस्य बने। इसके बाद 2006 और 2012 में महाराष्ट्र के कोटे से राज्यसभा पहुंचे।

जीवन आधार पत्रिका यानि एक जगह सभी जानकारी..व्यक्तिगत विकास के साथ—साथ पारिवारिक सुरक्षा गारंटी और मासिक आमदनी और नौकरी भी..अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे।

Related posts

सुशांत पर दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला—जानें विस्तृ​त जानकारी

सुकामा : नक्सलियों ने किया सुरक्षाबलों पर हमला, 14 घायल 16 लापता

विकास दुबे एनकाउंटर मामले पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, जांच CBI को सौंपने की मांग