हिसार,
हुडा विभाग द्वारा सेक्टरवासियों पर डाली गई भारी भरकम इन्हासमेंट के खिलाफ सेक्टरवासी महिलाओं, पुरूषों, बुजुर्गों व बच्चों ने काले झंडों के साथ प्रदर्शन करके अपने रोष का इजहार किया। सुबह-सवेरे छोटे-छोटे बच्चे काले झंडे लेकर स्कूल गए वहीं बाद में सेक्टरवासियों ने हुडा कार्यालय से डाबड़ा चौक तक प्रदर्शन करके एडीसी एएस मान को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के साथ ही आगे के कार्यक्रम की रूपरेखा तय करते हुए 19 अप्रैल से विधायक कमल गुप्ता के आवास के समक्ष समस्या का समाधान न होने तक पड़ाव डालने की चेतावनी भी दी गई है। आरोप है कि स्थानीय विधायक होते हुए अब तक डा. गुप्ता की इस मामले में भूमिका शून्य रही है, जिससे सेक्टरवासियों में रोष है।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सेक्टरवासी प्रदर्शन करते हुए हुडा कार्यालय से प्रदर्शन करते हुए डाबड़ा चौक तक पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान सेक्टर निवासी सबसे बुजुर्ग कंवर सिंह काली पगड़ी बांधकर प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान सेक्टरवासियों ने सरकार एवं विभाग के उच्चाधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। डाबड़ा चौक पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जिला आरडब्ल्यूए प्रधान दलबीर किरमारा, महासचिव त्रिलोक बंसल, सेक्टर 16-17 के प्रधान जितेन्द्र श्योराण एवं कुलदीप वत्स ने आरोप लगाया कि हिसार प्रवास के दौरान गत 2 अप्रैल को मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल को इन्हासमेंट की गणना ठीक करवाकर इसका समाधान निकालने के लिए ज्ञापन सौंपा गया था। मुख्यमंत्री ने समाधान का आश्वासन भी दिया था लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
ऐसे में सेक्टरवासियों के समक्ष आंदोलन के अलावा कोई चारा नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में इन्हासमेंट के खिलाफ आंदोलन हो रहा है लेकिन सरकार की चुप्पी से लगता है कि वह बड़े आंदोलन की इंतजार कर रही है। हिसार में 27 दिनों के आंदोलन के बाद भी सरकार, प्रशासन, विभागीय अधिकारी व सरकार के नुमाइंदे चुप है, जिससे सेक्टरवासियों का रोष और ज्यादा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 19 अप्रैल से सेक्टरवासी विधायक डा. कमल गुप्ता के आवास के बाहर प्रदर्शन करके वहीं पड़ाव डालेंगे और यह पड़ाव तब तक जारी रहेगा, जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता।
सेक्टरवासियों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने अपने किसी प्रतिनिधि को भेजकर ज्ञापन लेने के लिए बातचीत की पहल की लेकिन सेक्टर 16-17 के प्रधान जितेन्द्र श्योराण ने कहा कि 26 दिन के आंदोलन व खून से पत्र लिखने के बाद भी यदि प्रशासन प्रदर्शन के प्रति गंभीर नहीं है तो फिर डाबड़ा चौक पहुंचकर ताजा खून निकालकर फिर से पत्र लिखने शुरू कर दिये जाएंगे। इस चेतावनी के बाद प्रशासन ने गंभीरता दिखाई और एडीसी एएस मान ज्ञापन लेने पहुंचे। एडीसी ने ज्ञापन लेकर सेक्टरवासियों को आश्वासन दिया कि वे उनकी मांग सरकार तक भिजवा देंगे।
प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से सुजान सिंह बैनीवाल, डा. एस.वी. आर्य, विनोद तोषावड़, डा. किताब सिंह पूनिया, जगमन सरपंच, उमराव शर्मा, सुरेश बेदी, ओपी चावला, चन्द्र कटारिया, प्रवीण जैन, राजबीर दुहन, सुभाष जैन, बलवान श्योराण, शकुंतला जाखड़, दिलबाग हुड्डा, राजाराम गोदारा, सुरेन्द्र धुंधवाल, साधुराम कुलेरी, राजेन्द्र चौहान, रामभगत मलिक, मा. विजेन्द्र नैन, राजकुमार दलाल, कर्नल चत्तर सिंह गोयत, तेजेन्द्र गुप्ता, कर्नल चन्द्र सिंह, करतार सिंह श्योराण, राजकुमार रेड्डू, भीमसिंह, जगदीश जांगड़ा, कमला लोहान, सुमन धमीजा, सुमन श्योराण, विजेन्द्र बैनीवाल, नरेन्द्र गोरछी सहित सैंकड़ों सेक्टरवासी पुरूष व महिलाएं शामिल हुए।