फतेहाबाद (साहिल रुखाया)
बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से बैंक को लाखों रुपयों का चूना लगने का मामला सामने आया है। इस मिलीभगत का खुलासा स्टेट बैंक ऑफ पटियाला बैंक का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मर्ज होने से उजागर हुआ है।
इस बारे में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक की शिकायत पर पुलिस ने उकलाना खंड के गांव कनोह निवासी सत्यवान, उसके भाई जसवंत, फरीदपुर निवासी शमशेर सिंह व स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के तत्कालीन शाखा प्रबंधक राजबीर सिंह राठौड़, एडीशनल एसोसिएट दीपक कुंडू, सहायक प्रबंधक पीके पांडे तथा बैंक के अन्य कर्मियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
विस्तृत जानकारी के मुताबिक, कनोह निवासी सत्यवान व उसके भाइयों ने जमीन गिरवी रखकर स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की स्थानीय शाखा से 44 लाख रुपए का एग्रीकल्चर लोन लिया था। लोन का भुगतान किए बगैर ही उन्होंने बैंक स्टाफ से मिलीभगत कर एनओसी ले ली। एनओसी लेकर तहसील से लोन क्लीयर करवा लिया और उसी जमीन पर दूसरे बैंक से ऋण ले लिया। यह मामला उस समय उजागर हुआ जब एसबीपी का रिकार्ड एसबीआई में गया।
बैंक के उच्चाधिकारियों ने मामले की गहनता से जांच की तो आरोपियों द्वारा किए गए कारनामे की पोल खुली। पुलिस ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक अजय कुमार चावला की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धारा 167, 197, 198, 202, 218, 420, 421, 424, 465, 471, 477 ए व 120 बी के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।