फतेहाबाद (साहिल रुखाया)
बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार लडक़ी की शादी 18 वर्ष व लडक़े की शादी 21 वर्ष से पहले की जाती है, तो यह काननून अपराध है। एक्ट के तहत बाल विवाह के आयोजन में भागीदार सभी लोगों पर कानूनी कार्यवाही की जाती है, जिसके तहत 2 साल की जेल व एक लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान है।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल ने अक्षय तृतीया 18 अप्रैल 2018 के अवसर पर आयोजित होने वाले विवाह समारोहों के दौरान बाल विवाह की रोकथाम के लिए विवाह करवाने वाले पुजारी, गांव के पंच-सरपंच व नंबरदार तथा शहरों में नगर परिषद, सामुदायिक केंद्र, सार्वजनिक भवन, बैंकट हाल, मैरिज पैलेस आदि से अपील करते हुए कहा कि वे अपने गांव, आसपास क्षेत्र तथा शहर में किसी बाल विवाह का आयोजन न होने दें तथा अपने क्षेत्र में आयोजित होने वाले विवाह अनुष्ठान के संबंध में अपने स्तर पर दुल्हा-दुल्हन के आयु प्रमाण पत्रों की जांच कर लें व आयु प्रमाण पत्रों की एक प्रति अपने पास भी रखे लें तथा बाल विवाह पाए जाने पर प्रशासन को सूचना दें और उसे रोकना सुनिश्चित करें।
इसके अलावा उन्होंने सामुदायिक केंद्र, सार्वजनिक भवन, बैंकट हाल, मैरिज पैलेस इत्यादि के मालिक व संचालकों से भी अपील करते हुए कहा कि वे अपने यहां आयोजित होने वाले विवाह समारोह के संबंध में पहले दुल्हा व दुल्हन के आयु प्रमाण पत्रों की जांच कर लें व आयु प्रमाण पत्रों की एक प्रति अपने पास भी रखें तथा अपने यहां बाल विवाह का आयोजन न होने दें। उन्होंने कहा कि कोई भी नागरिक किसी भी प्रकार की कोई झूठी शिकायत करके जनता व प्रशासन को परेशान न करें। अगर कोई झूठी शिकायत करता है, तो प्रशासन द्वारा ऐसे व्यक्ति के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाल विवाह के आयोजन के संबंध में सूचना समय रहते नजदीक के पुलिस थाना, चौकी, आंगनवाड़ी केंद्र, डब्ल्यूसीडीपीओ, डीपीओ, पीओ आईसीडीएस, एसडीएम, सीटीएम, तहसीलदार, पुलिस अधीक्षक व स्वयं बाल विवाह निषेध अधिकारी तथा पुलिस कंट्रोल रूम के दूरभाष 100, चाईल्ड हैल्प लाईन नंबर 1098, महिला हैल्प लाईन नंबर 1091, 88140-11719 पर भी दे सकते हैं।