श्रीगंगानगर,
राजस्थान के उत्तर पश्चिमी हिस्से के दस जिलों में सिंचाई और पेयजल की जरूरत पूरी करने वाली इंदिरा गांधी नहर, भाखड़ा नहर और गंगनहर में पंजाब से जहरीला पानी आ गया है। पंजाब की एक शुगर मिल ने जहरीला शीरा व्यास नदी में छोड़ा है और इस नदी का पानी पंजाब से आ रही इन नहरों में आ गया है। इसके चलते लाखों की संख्या में मछलियां मर गई हैं और राजस्थान के श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में पानी को लेकर लोगों में दहशत का माहौल है।
पंजाब के बटाला जिले में स्थित एक शुगर मिल का लाखों टन शीरा 16 मई को व्यास नदी में आ गया और नदी के 40-50 किलोमीटर क्षेत्र में फैल गया। इस नदी का पानी ही पंजाब से राजस्थान आ रही इंदिरा गांधी नहर में आता है। यह पानी हनुमानगढ़ के रास्ते राजस्थान में प्रवेश करता है। बताया जा रहा है श्री गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में नहरों के हैंडपम्प्स से होता हुआ यह जहरीला पानी राजस्थान की सीमा में काफी अंदर तक आ गया है। इसके चलते जलदाय विभाग ने पानी की आपूर्ति करने वाली डिग्गियों को बंद कर दिया है।
इंदिरा गांधी नहर में मरम्मत के कारण पिछले 35 दिन से नहरबंदी की गई थी और इसके चलते गांवों में पहले ही पेयजल सकट के हालात थे। अब इस जहरीले पानी से हालात और खराब हो गए है। जलदाय विभाग ने कई जगहों से इस पानी के सैम्पल लिए है और जनता को इस पानी का उपयोग नहीं करने की हिदायत दी है। जहां प्रदूषित पानी अधिक मात्रा में है वहां लाखों की संख्या मे मछलियां मर गई है। विभाग के अनुसार इस प्रदूषित पानी को खपने में अभी करीब दस दिन का समय लग सकता है। इन नहरों से राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ चूरू, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर ,जैसलमेर, झुंझुनूं, सीकर आदि जिलों को पानी की आपूर्ति की जाती है।