आदमपुर (अग्रवाल)
शहनाई की गुंजती धुन, स्वर्ग से पुष्प वर्षा करते सभी देवी-देवता, ईन्द्र-इन्द्राणी, खुशियां मनाता सम्पूर्ण जगत और सम्पूर्ण ब्रह्मांड में फैली खुशियों की लहर। भगवान श्रीकृष्ण का रूक्मणि से जब विवाह हुआ तो ऐसा ही वातवरण पूरे स्वर्ण और धरती लोक में उत्पन्न हुआ। कुछ ऐसा ही वर्णन गांव आदमपुर के श्रीगुरु जम्भेश्वर नंदी गौशाला में गौपाष्टमी पर चल रही श्रीमद् गौभागवत कथा के छठे दिन व्यास पीठ से आचार्य सत्यदेवानद शास्त्री ने रूक्मणि विवाह प्रसंग के दौरान किया। रूक्मणि विवाह के दौरान श्रीकृष्ण जैसे ही श्रीमयी कृष्णधाम में गाजे-बाजे के साथ अपनी बारात लेकर पहुंचे वैसे ही भगवान के भक्तों ने दोनों हाथ उठा कर श्रीकृष्ण का स्वागत किया और श्रीकृष्ण के जयकारें लगाकर पूर्ण भक्तिमयी माहौल बना दिया।
विवाह के इस मांगलिक आयोजन का भगवान का हर भक्त साक्षी बना और भजनों की प्रस्तुति पर झूम कर नृत्य किया। प्रसंग पूर्ण होने के बाद सुभाष देहडू, संरक्षक तरसेम गोयल, श्री कृष्ण गौशाला व व्यापार मंडल के प्रधान लीलाधर गर्ग, पूर्व चेयरमैन मागेराम सिंगला, अमीलाल पूनिया ने भागवत भगवान की महाआरती का लाभ लिया। प्रधान राजाराम खिचड़ व संजय बागंड़वा ने बताया कि भागवत कथा के अंतिम दिन शुक्रवार को पूर्णाहूति यज्ञ व गौपाष्टमी महोत्सव का आयोजन होगा और साथ ही महाप्रसादी का भी आयोजन किया जाएगा।