फतेहाबाद

राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर सीएमओ ने बैठक लेकर की डेंगू रोग जागरूकता अभियान की समीक्षा

जिला में वर्ष 2020 में अभी तक कोई भी मलेरिया व डेंगू केस नहीं आया

फतेहाबाद,
राष्ट्रीय डेंगू दिवस के उपलक्ष्य में जिला में डेंगू रोकथाम के लिए चलाए जाने वाले जागरूकता अभियान की समीक्षा के लिए सिविल सर्जन डॉ मनीष बंसल की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू रोग जागरूकता अभियान के तहत लोगों को मलेरिया, डेंगू, हैजा, पीलिया, इत्यादि बीमारियाों से बचाव व साफ सफाई रखने के लिए जागरूक किया गया। इसके अलावा स्थानीय अशोक नगर स्थित स्वास्थ्य केंद्र में डिप्टी सीएमओ डॉ हनुमान सिंह की अध्यक्षता में भी बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य कर्मचारियों को बताया कि डेंगू रोग लोगों के स्वास्थ्य की गंभीर समस्या है। सभी स्वास्थ्यकर्मी लोगों को अपने कूलर, टंकी, घड़े, गमले इत्यादि ढककर रखने के लिए जागरूक करें। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि हर रविवार को कूलर, टंकी, गमलों इत्यादि चीजों को अच्छे से साफ करके, सुखाकर ही दोबारा पानी से भरे। इस बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर डॉक्टर को दिखाएं। उन्होंने बताया कि जिला में वर्ष 2015 में 189, 2016 में 38, 2017 में 419, 2018 में 56, 2019 में 29 डेंगू पॉजिटिव केस निकले थे तथा इस साल 2020 में अभी तक कोई भी मलेरिया व डेंगू केस नही आया है।
उन्होंने बताया कि डेंगू बुखार एडीज एजीप्टीआई मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर सामान्यत: दिन में काटता है। डेंगू का मच्छर किसी भी जल इक_ा करने वाले बर्तन में पैदा हो सकता है। यह स्वच्छ जल में पनपता है। यह मच्छर कूलर, टंकी, गमला, टैंक, छतों पर पड़े टायर, फ्रीज के पीछे लगी ट्रे, गड्डों में ठहरे पानी व नालियों में रूके पानी में पैदा हो सकता है। डेंगू बुखार के रोगी में यह लक्षण आमतौर पर मिलते है जैसे कि तीव्र बुखार, सिर के अगले हिस्से में तेज दर्द, आंख के पिछले भाग में दर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, भूख कम लगना, शरीर पर खसरे जैसे दानों का निकलना व लाल चकते बनना, मिचली व उल्टी आना इत्यादि।
उपचार व बचाव
डेंगू बुखार के लक्षण होने पर रोगी के रक्त की जांच ईएलआईएसए टेस्ट करवाना चाहिए। रोगी को पैरासिटामोल की गोली देनी चाहिए। रोगी को पेय पदार्थ जैस दही, लस्सी, छाछ, ताजा जूस, नारियल पानी इत्यादि देने चाहिए। चिकित्सक को अवश्य दिखाना चाहिए। डेंगू से बचाव के लिए स्वच्छता का विशेष महत्तव है। घर के आस-पास पानी इकट्ठा ना होने दे। घर के अंदर पानी 7 दिन से अधिक किसी भी बर्तन इत्यादि में ना रखें। घरों में कूलर, टंकियों, घड़ों इत्यादि की सफाई सप्ताह में एक बार अवश्य करें। मच्छरदानी का प्रयोग करें, अपने शरीर को पूरी तरह ढककर रखें। जहां रूका पानी निकालना संभव ना हो वहां काला तेल अथवा टैमीफॉस दवा डालनी चाहिए। सप्ताह में एक दिन रविवार को शुष्क दिवस के रूप में मनाएं। शरीर को पूर्णतया ढककर रखें। समय-समय पर कीटनाशक का छिडक़ाव करें व मच्छररोधक क्रीम का प्रयोग करें।
स्वास्थ्यकर्मियों ने किया डोर-टू-डोर सर्वे
स्वास्थ्य विभाग की टीमों में एमपीएचडब्ल्यू, एएनएम वर्कर, आशावर्कर ने कोरोना के सर्वे के साथ डोर-टू-डोर जाकर पानी की टंकी, कूलर, होदी, फ्रिज के पीछे की ट्रे व आसपास के खाली प्लाट में जमा पानी की जांच कर रहे हैं। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी लोगों को मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया के प्रति जागरूक कर रहे हैं। सर्वे के दौरान अब तक 54 लोगों को नोटिस दिया जा चुका है, जिनके घरों में मच्छर का अंडा/लारवा पाया गया। बुखार से संभावित मरीजों की स्लाइड लेकर जांच कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा विभिन्न तालाबों में गंबूजिया मछली डाली जा रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग सभी बूस्टिंग स्टेशन, ट्यूबवेल, वाटर वक्र्स पर जाकर पानी में क्लोरीन की जांच कर रहे है तथा गांव व शहरों में पानी की पाइप की लीकेज बारे जन स्वास्थ्य विभाग को अवगत करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पाइप लीकेज ठीक कर रहे हैं।

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Jeewan Aadhar Editor Desk