हिसार

कलम से होता पढ़ाई का आगाज, कलम से दिखता लिखाई का मिजाज

कलम

कलम से होता पढ़ाई का आगाज
कलम से दिखता लिखाई का मिजाज।

कलम से लिखते थे तख्ती
स्लेट की कलम होती थी बरती।

पैन, होल्डर ,सरकंडा से बनी
मोर पंख स्वर्ण चांदी से जड़ी।

अनेक प्रकार की होती कलम
विभिन्न प्रयोग में आती कलम।

कलम की चाल से मिलते नंबर
कलम के कमाल से बनते अफसर।

कलम से लिखे जाते खत
कलम से हर जगह होते दस्तखत।

कलम से साइन सोते इकरार
कलम से ही साइन होते सरकारी करार।

व्यापारी का व्यवहार कलम
विद्यार्थी का हथियार कलम।

अधिकारी की चलती कलम
कर्मचारी भी रखते कलम।

कलम से कर सकते जनकल्याण
कलम बना सकती महान।

कलम को करो प्रणाम
कलम से मत करो गलत काम।

-पुष्कर दत्त,
1669-ए, सैक्टर 16-17, हिसार
मो. 9416338524

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