हिसार,
किसान सहयोग मंच की बैठक यहां की पंजाबी धर्मशाला में हुई। बैठक में व्यापार मंडल, सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा कर्मचारी महासंघ, बार एसोशिएशन, बैंक एंप्लाइज फेडरेशन, रिटायर्ड कर्मचारी संघ इत्यादि संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में 24 दिसंबर को अग्रसेन चौक पर सांय 5 बजे किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों की आत्माओं की शांति के लिए और सरकार के किसान विरोधी रवैये के खिलाफ शहर में कैंडल मार्च निकालने का निर्णय लिया गया, जिसमें समाज के तमाम वर्गों के लोग शामिल होंगे।
सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव नरेश गौतम ने बताया कि 24 दिसंबर के प्रस्तावित कैंडल मार्च में सर्व कर्मचारी संघ और हरियाणा कर्मचारी महासंघ से जुड़े कर्मचारी बढ़चढ़ कर भागीदारी करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा थौपे जा रहे कृषि विरोधी कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर देश-प्रदेश के किसान सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ पिछले 26 दिन से ठिठुरती सर्दी में दिल्ली बार्डरों पर आंदोलनरत है जिसके चलते लगभग 40 किसान शहीद हो चुके हैं, लेकिन सरकार किसानों की मांग को अनसुना कर रही है जिससे भाजपा सरकार की नीयत और नीति स्पष्ट कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन में शहीद हुए लगभग 40 किसानों की शहादत बेकार नहीं जायेगी और अब यह आंदोलन केवल किसानों का न रहकर जनआंदोलन का रूप ले चुका है क्योंकि इन काले कानूनों से केवल किसान ही नही अपितु प्रत्येक वर्ग प्रभावित होने वाला है जिसे समझते हुए आज मजदूर, किसान, व्यापारी, कर्मचारी, महिला सहित प्रत्येक वर्ग इस आंदोलन का हिस्सा बन चुका है।
सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव नरेश गौतम ने बताया कि सर्व कर्मचारी हरियाणा सीधे तौर पर किसान आंदोलन से जुड़ा हुआ है और टिकरी बॉर्डर व सिंघु बॉर्डर पर कर्मचारियों व आम जनता के सहयोग से मेडिकल कैम्प ओर लंगर चलाया रहा है।