बार एसोसिएशन का किसान आंदोलन को खुला समर्थन, सरकार की दमनकारी नीति की कड़ी निंदा, किसान आंदोलन के समर्थन में बार चलाएगी समानांतर सांकेतिक धरना
हिसार,
जिला बार एसोसिएशन ने जनरल हाउस की बैठक में किसान आंदोलन के समर्थन में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए इस आंदोलन के समर्थन में समानांतर सांकेतिक धरना बार परिसर में लगाये जाने का फैसला लिया है। इस संबंध में मंगलवार को बार रूम में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट मनदीप बिश्नोई की अध्यक्षता में बैठक हुई।
आंदोलन के समर्थन में सांकेतिक धरने को सुचारू रूप से चलाने व आगामी रूपरेखा बनाने के लिये बार के पदाधिकारियों सहित पूर्व प्रधान एडवोकेट कलम सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता पीसी मित्तल, जेएस मलही, डॉ. अर्जुन सिंह राणा, राजबीर पूनिया व जगदीश राय बिश्नोई की एक कमेटी बनाई गई है।
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष एडवोकेट मनदीप बिश्नोई ने कहा कि किसान आंदोलन एक सामाजिक आंदोलन है जिसके माध्यम से देश का किसान अपने अस्तित्व को बचाने के लिये संघर्षरत है। देश की दो तिहाई से ज्यादा आबादी कृषि पर आधारित है और इस लिहाज से हम सब की जिम्मेदारी है कि इस आंदोलन का बढ़चढ़ कर सहयोग करें। सरकार द्वारा बेरिकेडिंग करने को दमनकारी व भय का माहौल बनाना करार देते हुए इसके लिए निंदा प्रस्ताव पास किया गया और साथ ही साथ गणतंत्र दिवस के दिन लालकिले की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए बार के प्रस्ताव के माध्यम से इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
बार के सचिव संदीप बूरा ने सरकार से तुरंत प्रभाव से तीनों कृषि कानूनों को निरस्त किये जाने की मांग करते हुए कहा कि किसान की बात को प्राथमिकता के तौर पर केंद्र सरकार को सुनना चाहिए। बैठक में उपप्रधान राजेश यादव, सह सचिव पीयूष तापडिय़ा, कोषाध्यक्ष सीताराम भाटी सहित काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।