अग्रोहा,
कालीरावण के सरकारी स्कूल में कार्यरत जेबीटी शिक्षिका को बढ़िया जमीन दिलवाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी हो गई। ठग उनके घर पर दूध देने का काम करता था। शिक्षिका को अपनी बातों में फंसाकर करीब 31 लाख 50 हजार रुपए ऐंठ लिए। इसके बाद रजिस्ट्री करवाने के नाम पर 84 हजार 500 सौ रुपए और लगवा दिए। अग्रोहा पुलिस ने शिक्षिका की शिकायत पर 2 महिलाओं सहित 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में शिक्षिका ने आरोप लगाया है कि वह अग्रोहा की कृष्णा कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहती है। पिछले कुछ समय से पड़ोस में ही भैंस पालन का काम करने वाला अनिल कुमार उनके घर पर दूध देने आता था। इसी दौरान अनिल कुमार ने उसको अपनी बातों में लेकर अग्रोहा गांव में 4 कनाल 3 मरले कृषि योग्य जमीन ठीक दाम में मिलने की बात कही। अनिल ने कहा कि एक कनाल जमीन मैं ले लेता हूं और बाकि 3 कनाल 3 मरले जमीन आप ले लो। उन्होंने मौके पर जाकर जमीन देखी तो ठीक लगी। अनिल ने कहा कि जमीन का मालिक पूरी जमीन मेरे नाम करवायेगा। एक बार जमीन मेरे नाम चढ़ेगी उसके बाद आपकी जमीन आपके नाम करवा दूंगा।
इसके बाद 29 मई 2020 को जमीन का 10 लाख रुपए ब्याना होना था। हमने अपने हिस्से के 7 लाख रुपए अनिल और उसकी मां बिमला देवी को दे दिए। इस पर अनिल और मां बिमला देवी ने कहा कि उनके पास केवल 1 लाख रुपए ही बने हैं। एकबार आप 2 लाख रुपए और दे दो। इस पर उनको 2 लाख रुपए और दे दिए। ब्याना देते समय 14 जुलाई 2020 को रजिस्ट्री होना तय हुआ। उन्होंने 14 जुलाई को 22 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से अनिल के खाते में भेज दिए। इसके बाद अनिल और बिमला उनके घर पर आए और रजिस्ट्री खर्च के नाम पर 50 हजार रुपए नगद ले गए। इसके बाद अनिल ने रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली।
बाद में तरह—तरह के बहाने बनाकर अनिल रजिस्ट्री करवाने की बात को टालता रहा। बाद में उसके पति के दोस्त संजय अनिल के घर गया और रजिस्ट्री के बारे में बात की तो उसने 26 फरवरी 2021 को रजिस्ट्री करवाने की हां भर दी। इसके चलते 24 फरवरी को 12500 रुपए रजिस्ट्री ट्रांसफर करवाने के बजरिया चालान भारतीय स्टेट बैंक हिसार में जमा करवाकर 26 फरवरी का टोकन ले लिया। 25 फरवरी को अनिल के कहने पर 72000 रुपए की स्टाम्प ड्यूटी खरीदी। 26 फरवरी को अनिल और उसका भाई मनोज हिसार तहसील में आए। उन्होंने हमसे बातचीत की और रजिस्ट्री करवाने की तैयारी करने को कहा और दोनों भाई मौके से निकल गए। काफी इंतजार के बाद वे नहीं आए और फोन भी बंद कर लिया। शाम को अग्रोहा वापिस आकर वह और उसका पति और पति का दोस्त संजय अनिल के घर गए तो अनिल, उसकी मां बिमला देवी, पत्नी उषा रानी, पिता अमीर सिंह उर्फ टुंडा व भाई मनोज उनके साथ जातिसूचक गाली—गलौज करने लगे और धक्का—मुक्की करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। इस दौरान काफी लोग एकत्रित हो गए। शाम को उसकी सास अनिल की मां बिमला देवी के पास गई और शांत भाव से मामला सुलझाने का प्रस्ताव रखा तो बिमला देवी बिफर पड़ी और गालियां निकालने लगी। इसके बाद 27 फरवरी को अनिल अपने परिवार सहित हमारे पड़ोस से मकान खाली करके भूना रोड पर चला गया।
अनिल के पड़ोस छोड़ने के बाद शिक्षिका ने अग्रोहा पुलिस को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। बहरहाल, अग्रोहा पुलिस मामले की जांच में लगी हुई है।