अनपढ़ औरतों ने भी दी परीक्षा, लगभग सभी प्रश्नों के दिए सही जवाब
पृथ्वी सिंह गिला ने बताया परीक्षा का महत्व, बनवारी लाल बिश्नोई ने सुनाई संगीतबद्ध रचना
आदमपुर,
आदमपुर गांव के पश्चिमी पाना स्थित गुरु जंभेश्वर मंदिर में बिश्नोई समाज संस्कार परीक्षा का आयोजन किया गया। इस परीक्षा में 51 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया जिसमें से 24 परीक्षार्थियों ने शत—प्रतिशत अंक प्राप्त किए। सभी शत-प्रतिशत अंक लेने वालों को जम्भसागर उपहार में दी गई और बाकी सभी बच्चों को जाम्भाणी बालपोथी दी गई।
अभियोजन विभाग के पूर्व निदेशक बनवारीलाल विश्नोई ने ‘बिश्नोई समाज संस्कार परीक्षा’ के बारे में जानकारी दी और शब्दवाणी के एक शब्द की व्याख्या संगीतबद्ध करके लय में सुनाई। स्वामी राजेंद्रानंद जी ने उनकी कला की भूरि—भूरि प्रशंसा की। बिश्नोई समाज संस्कार परीक्षा में आज दो अनपढ़ औरतों ने भी परीक्षा दी। जबानी पूछे गए प्रश्नों का उन्होंने लगभग सही उत्तर दिये।
पर्यावरण प्रेमी एवं रिटायर्ड जेडएमईओ पृथ्वी सिंह गिला ने परीक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज के बच्चों को गुरू जम्भेश्वर भगवान की शिक्षाओं व धर्म नियमों की जानकारी देने के लिए इस तरह की परीक्षाएं आवश्यक है। इस तरह की परीक्षाओं में सभी बच्चों को अवश्य हिस्सा लेना चाहिए। इस अवसर पर परीक्षा आयोजक एडवोकेट बनवारी लाल ईशरवाल व पृथ्वी सिंह गिला के अलावा सुरेन्द्र कुमार पटवारी, बिश्नोई मन्दिर प्रधान कैलाश ज्याणी, सचिव कृष्णलाल बेनीवाल, कृष्ण लाल काकड़, मास्टर नरसिंह बेनीवाल, सरजीत काकड़, छोटूराम बेनीवाल, रामसिंह गोदारा पटवारी, मास्टर रमेश बेनीवाल, इंद्राज पटवारी, नन्दराम सींवर व सहीराम सींवर सहित समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।