रक्तदान—महादान, रक्तदान का कोई विकल्प नहीं : अनिल गोरछी
हिसार,
निकटवर्ती गांव गोरछी के राजकीय उच्च विद्यालय में शहीद भागीरथ पचार की स्मृति में उनकी पुण्यतिथि पर रक्तदान कैंप का आयोजन किया गया। शनिवार को आयोजित इस कैंप में गांव के युवाओं ने 42 युनिट रक्तदान किया।
किसान नेता अनिल गोरछी ने बताया यह कैंप शहीद भागीरथ पचार को समर्पित रहा। रक्तदान करना सबसे बड़ा दान है। रक्त की एक युनिट से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। रक्तदान से रक्तदान करने वाले के स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव भी नहीं पड़ता है। रक्तदान को महादान इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसका कोई विकल्प नहीं है। इस अवसर पर गोरछी के समस्त ग्रामवासियों ने 63 बार रक्तदान करने पर सरदानंद राजली को शहीद भगतसिंह की मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर शहीद भागीरथ के पुत्र ललित पचार, सरपंच प्रतिनिधि शोहलू पचार, नरेश जोशी, किसान नेता संदीप धीरणवास, किसान नेता विकाश गावड, किसान नेता कुलदीप बुडाक, समाजसेवी व किसान नेता अनिल गोरछी, मुनीश पूनिया, किसान नेता सरदानंद राजली, हरयाणवी कलाकार व समाजसेवी प्रवीन पूनिया, राजेश भाकर, दिलबाग हुडा, रामबीर न्योली, हवासिंह सांगवन, कृष्ण सरसाना, हेडमास्टर जगदीश मुंदलिया, बलजीत मास्टर, मास्टर अजीत गावड़, मास्टर कुलदीप, मास्टर प्रदीप अन्य गणमान्य लोग उपस्थित हुए।