हिसार,
सरकार ने बालसमंद को पिछले काफी समय से सब—तहसील बना रखा है। यहां पर हफ्ते में दो दिन तहसीलदार की नियुक्ति कर रखी है। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि तहसीलदार यहां दो दिन भी सही तरीके से नहीं बैठते। वो कभी यहां आते है और कभी नहीं। वो अपनी मर्जी के मालिक बने बैठे है।
ग्रामीण ईश्वर लौरा ने बताया कि तहसीलदार को बालसमंद में मंगलवार और वीरवार को आना होता है। लेकिन पिछले काफी दिनों से तहसीलदार यहां आने की महज औपचारिकता ही निभा रहे है। मंगलवार को लोग सुबह 10 बजे से उनका इंतजार कर रहे थे, लेकिन तहसीलदार पहुंचे 3 बजे। इसके बाद वे घंटेभर ही कार्यालय में बैठे और समय से पहले ही चलते बने। नौकरी की तलाश है..तो यहां क्लिक करे।
वहीं मनजीत ने बताया कि आज वीरवार को उनको बालसमंद में बैठना था, लेकिन सवा बारह बज चुके है—अब तक उनके आने का कोई पता नहीं है। उन्होंने बताया कि जब इस बारे में अन्य सदस्यों से बात की गई तो उनका कहना है कि ‘साहब अभी हिसार है, यदि वहां से फ्री हो जायेंगे तो अवश्य आयेंगे।’ उनका कहना है कि सरकार ने जब दो दिन के लिए उन्हें बालसमंद में नियुक्ति दे रखी है तो वे यहां आने में परहेज क्यों करते है?
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ग्रामीण राजपाल, अमरसिंह और लक्ष्मण ने कहा कि तहसीलदार के समय पर न आने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो वे मजबूर होकर उनकी शिकायत सीएम विंडो में करेंगे। साथ ही ड्यूटी में कौताही बरतने को लेकर वे सरकार के पास शिकायत भी भेजेंगे।
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