हिसार

मानी गई मांगों को एक वर्ष बाद भी नहीं किया लागू: अजीत सिंह

हिसार,
आईटीआई अनुदेशक संयुक्त कार्य समिति के बैनर तले आज गवर्नमेंट आईटीआई बालसमंद के अनुदेशकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर भोजन अवकाश के दौरान गेट मीटिंग कर रोष प्रदर्शन किया।

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गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेता उमेद सिंह ने कहा कि उचित चयन प्रक्रिया से चयनित और विभाग में वर्षों से कार्यरत अनुबंध अनुदेशकों को सरकार नियमित भर्ती करने से पूर्व पॉलिसी बना कर नियमित करे तथा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जारी विज्ञापन वापस लिया जाए। इसके अलावा अनुबंधित अनुदेशकों को महंगाई भत्ता,एरियर तथा एलटीसी का अविलंब भुगतान किया जाए।
संस्थान प्रधान अजीत सिंह ने कहा कि हरियाणा औद्योगिक प्रशिक्षण तकनीकी कर्मचारी संघ की विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव एके सिंह की उपस्थिति में मुख्यमंत्री से 18 जनवरी 2017 को आठ मुद्दों पर बातचीत हुई थी। बातचीत में पांच मांगों को मौके पर ही मान लिया गया था और शेष मांगों को भी लागू करने का भरोसा स्वयं मुख्यमंत्री ने दिया था। इसके बावजूद एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आज तक एक भी मांग को लागू नहीं किया गया है, जिससे पूरे प्रदेश के आईटीआई कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने बताया कि मानी गई मांगों में वर्ग अनुदेशक तथा प्रधानाचार्य रिक्त पद शत—प्रतिशत पदोन्नति से भरना की मांगों भी शमिल थी।
उन्होंने कहा कि सरकार अनुबंधित अनुदेशकों की सेवाएं बरकरार रखने तथा उन्हें पॉलिसी बनाकर नियमित करने तथा नियमित आईटीआई अनुदेशकों की 18 जनवरी 2017 को मानी गई मांगों को लागू करने को लेकर 16 मार्च से पहले कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है तो आईटीआई बालसमंद का प्रत्येक अनुदेशक 17 मार्च के फरीदाबाद महाड़ाव में भाग लेगा।
इस अवसर पर विक्रम, दयाराम, शीशपाल, प्रदीप, कमल, भीम, सुरेंद्र, राजेश व प्रेम आदि भी मौजूद रहे।
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