चंडीगढ़
एक दिन का चक्काजाम… हजारों यात्रियों को परेशानी… लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान…इतना कुछ करवाकर ही सरकार ने रोडवेज यूनियनों के साथ बैठक कर उनकी मांगें मानी। ऐसा सरकार यूनियनों के चक्काजाम करने से पहले भी कर सकती है। रविवार को यूनियनों ने मंगलवार के चक्काजाम की घोषणा की थी। सरकार ने उसी समय या सोमवार को यूनियनों के साथ वार्ता क्योंं नहीं की??? राजस्व के नुकसान की भरपाई क्यों ना परिवहन मंत्री और अधिकारियों से की जाए?? ये वो सवाल है जो आम हरियाणावासियों के दिमाग में है—लेकिन इनका जवाब ना तो सरकार के पास है और ना ही जिम्मेवार अधिकारियों के पास।
बहरहाल, परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने ऐलान किया है कि यूनियन के पदाधिकारियों से हुई बातचीत के दौरान सहमति बन गई है। सहमति बनने के कारण प्रदेश भर से चक्का जाम समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि यूनियनों के पदाधिकारियों के सुझाव को लिया गया है। इन सुझावों पर 3 दिन के अंदर नई परिवहन नीति का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। आज की बैठक में सरकार की तरफ से परिवहन मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार, ओएसडी सीएम भूपेंद्र सिंह, एसीएस सुधीर राजपाल, महानिदेशक अनिता यादव, परिवहन आयुक्त,सुप्रभा दहिया तथा आठों यूनियनों के राज्य प्रधान हरिनारायण शर्मा, दलबीर किरमारा, बाबूलाल यादव, अनूप सहरावत, इन्द्र सिंह बधाना, विरेंद्र धनखड़, आजाद मलिक व बलराज देशवाल तथा सभी यूनियनों के महासचिव शामिल हुए।
वहीं सहमति बनते ही प्रदेश में बसों का संचालन शुरु हो गया। हिसार डिपो के प्रधान रामसिंह बिश्नोई ने बताया कि वार्ता के सफल होने के तुरंत बाद बसें अपने निर्धारित समय सारिणी के अनुसार चल पड़ी है।
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