हरियाणा हिसार

प्रदेशभर में आढ़ती है हड़ताल पर. अनाजमंडी में गेहूं खरीद होगी प्रभावित

हिसार,
सोमवार को प्रदेशभर के करीब 50 हजार आढ़ती हड़ताल पर है। इस दौरान कोई भी आढ़ती गेहूं या अन्य किसी उपज का एक दाना तक नहीं खरीदेगा। आढ़ती सरकार द्वारा गेहूं के पैसे सीधे किसानों के खाते आॅनलाइन डाले जाने के फैंसले से खफा है। आढ़तियों का कहना है कि सरकार यदि किसानों को सीधे पैसे देगी तो उनका किसानों के तरफ चल रहा बकाया पूरी तरह से डूब जायेगा।
शनिवार से है हड़ताल
आढ़तियों ने शनिवार से ही काम बंद करके हड़ताल का ऐलान कर दिया था। इसके चलते प्रदेश की काफी मंडियों में जोरदार प्रदर्शन भी हुआ था। लेकिन सोमवार को हड़ताल का बड़ा रुप देखने को मिल रहा है। आढ़तियों ने रविवार को किसानों को फोन करके फसल मंडी में न लाने की हिदायत भी दे दी। इसके साथ ही आज प्रदेश की सभी मंडियों में प्रदर्शन होगा।
आढ़तियों को क्यों ऐतराज
असल में आढ़ती किसान को पूरे सीजन उधार में समान बाजार से दिलाता है। बीज, खाद, दवाई और पैसे तक आढ़ती किसान को दिलवाता है। फसल बेचने के समय किसान आढ़ती को अपनी उपज देता है। आढ़ती अपने पैसे काटकर बकाया किसान को दे देता है। ऐसे में सरकार द्वारा पैसे सीधे किसानों के खाते में दिए जाने के निर्णय से आढ़तियों को किसानों के पास बकाया पैसा डूबने का खतरा सता रहा है। इसलिए आढ़ती सरकार के नियम का विरोध कर रहे है।
सरकार का तर्क
खाद्य आपूर्ति मंत्री का कहना है कि बहुत से आढ़ती इस समय ट्रेडिंग का काम कर रहे है। वे अन्य राज्य से सस्ती गेहूं खरीदकर सरकार को महंगे में बेचकर मुनाफा कमा रहे है। सरकार किसानों को गेहूं महंगेभाव में खरीद रही है ताकि उनकी आर्थिक स्थिती मजबूत हो सके। लेकिन कुछ व्यापारी किसानों के हक पर कैंची चलाने में लगे हुए है। ऐसे में सरकार ने किसानों के खाते में पैसे भेजने का निर्णय लिया है।
अधिकारी क्या कर रहे है?
मंत्री द्वारा व्यापारियों पर अन्य राज्यों से गेहूं खरीदने के आरोपों को आढ़तियों ने सिरे से नकार दिया। आढ़तियों का कहना है प्रत्येक मंडी में अन्य राज्य से गेहूं मंगवाने वाले व्यापारी 5 से 7 की संख्या में है। इन पर नकेल कसने का काम अधिकारियों का है। सरकार के अधिकारी ऐसे व्यापारियों पर नकेल कसने में कामयाब नहीं हो पा रहे तो इसका खमियाजा सभी आढ़ती क्यों भुगते।
बिना लेन—देन के नहीं होती ट्रेडिंग
छोटे आढ़तियों का कहना है कि ट्रेडिंग का काम करने वाले व्यापारी और अधिकारियों की आपसी मिलीभगत होती है। ऐसे व्यापारी बड़े—बड़े गेहूं के दड़े लगाते है और इसमेेंं अधिकतर अधिकारियों को सेवा—पानी मिलती है। सरकार ने सीएम फ्लाईंग का गठन कर रखा है लेकिन गेहूं के इस सीजन में किसी भी अनाज मंडी में सीएम फ्लाईंग ने कोई छापेमारी नहीं की। सरकार कुछ व्यापारियों पर नकेल कसने में फेल रही है और उसका खमियाजा सभी व्यापारियों पर ड़ाल रही है।

टीम वर्क के बल पर महज 720 रुपए में शुरु करे बिजनेस..और करोड़ो के मालिक बने.. अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे।

जीवन आधार पत्रिका यानि एक जगह सभी जानकारी..व्यक्तिगत विकास के साथ—साथ पारिवारिक सुरक्षा गारंटी और मासिक आमदनी और नौकरी भी..अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे।

Related posts

प्रणामी स्कूल में विद्यार्थियों को बांटा गुरु गोबिंद सिंह व महाराणा प्रताप का साहित्य

Jeewan Aadhar Editor Desk

परिजनों के चंगुल से छुटकर, लडक़ी ने किया अंतरजातीय प्रेम विवाह

हिसार में एचटेट लेवल-3 की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन

Jeewan Aadhar Editor Desk