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व्यापारी हुए परेशान, सब्जियों और आम के नहीं मिल रहे दाम—कारण जानकार आप हो जायेंगे हैरान

नई दिल्ली,
इन​ दिनों फल विक्रेता काफी परेशान है। इसका कारण केरल में निपाह वायरस का खौफ इस कदर हावी है कि लोगों ने फलों और सब्जियों से तौबा कर ली है। खासकर आम को लेकर लोग बेहद सतर्क हो गए हैं। इसकी सबसे ज्यादा मार फल विक्रेताओं पर पड़ी है। निपाह वायरस के डर से लोग फल खरीदने से पहले दो बार सोच रहे हैं। केरल की क्षेत्रीय अखबारों की रिपोर्ट के मुताबिक, फल विक्रेता (खासकर आम बेचने वाले) की बिक्री लगभग खत्म हो गई है। निपाह की खबरें आने के बाद से केरल में आम की बिक्री न के बराबर है। क्योंकि, पिछले 15 दिनों में निपाह वायरस के चलते केरल में 14 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में लोगों के मन में फलों को लेकर खौफ है।

रमजान के महीने में बिक्री गिरी
जब से यह खबर आई है कि चमगादड़ के फल खाने से निपाह वायरस फैल सकता है, तब से बिक्री गिर गई है। हालांकि, इस मौसम में खासकर रमजान के दौरान बिक्री सबसे ज्यादा होती थी लेकिन इसी मौसम में फलों की बिक्री घटी है। हालांकि, विक्रेता अपने फलों को जानवरों खासकर चमगादड़ों से बचा कर रखते हैं। लेकिन, केरल में फैले वायरस से लोगों में खौफ है।

सड़ रहे हैं फल और सब्जी
ज्यादातर फलों की दुकानें पर फल सड़ गए हैं। ऐसे दुकानदार अपने फलों को रोजाना डिस्पोज (फेंक) कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ छोटे दुकानदार सस्ते दामों पर फलों को बेच रहे हैं। इस तरह उनकी लागत निकल रही हैं। वहीं, दूसरी तरफ सब्जियों पर इसका असर देखने को मिला है। फलों के साथ-साथ सब्जियों के दाम में भी बड़ी गिरावट आई है।

फ्रूट डाइट वालों की मुश्किल
निपाह वायरस के अलर्ट के बाद से सबसे ज्यादा वह लोग प्रभावित हैं, जो फ्रूट डाइट लेते हैं। फ्रूट डाइट लेने वाले लोगों ने बताया कि वह कुछ समय के फलों खासकर आम से बचना चाहते हैं। खरीदते वक्त हर फल को ठीक से चेक करने का समय नहीं होता। यह पहचान करना भी मुश्किल है कि फल पर कोई ऐसा निशान है, जो जानवर ने खाया हो। ऐसे में कोई चांस नहीं लेना चाहिए। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि संक्रमित आम और अमरूद की पहचान करना मुश्किल है, जबकि संक्रमित केले की पहचान आसानी से होती है। इसलिए केले लेने में समस्या नहीं है।

ऐसे फल चुनते हैं चमगादड़
त्रिसुर हॉर्टिकल्चर कॉलेज के डीन जॉर्ज थॉमस के मुताबिक, चमगादड़ केवल चुनिंदा फलों को खाते हैं। उन्होंने कहा, “वे जैकफ्रूट पर हमला नहीं करते हैं, लेकिन आम, रामबुतान और सपोट्टा या चिकू पसंद करते हैं, क्योंकि ऐसे फलों का बाहरी हिस्सा काफी नरम होता है।”

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