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आइक्रीम में सुअर का मांस..जानिए पूरा सच

नई दिल्ली,
क्या आइसक्रीम में सूअर की चर्बी हो सकती है ?? ये सवाल सोशल मीडिया पर आजकल हर कोई पूछ रहा है। असल में आइसक्रीम में सूअर की चर्बी मिले होने का दावा करती एक फोटो पिछले कुछ समय से लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसके बाद से लोग आइसक्रीम खाने से इसमेंं मिले समान को जांचने में लगे हुए है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फोटो में पूरे प्रुफ के साथ आइसक्रीम में सुअर की चर्बी होने का दावा किया गया है। इस मैसेज के मुताबिक दावा किया जा रहा है कि अमूल की पिस्ता मलाई वाली इस कुल्फी में सूअर की चर्बी मिली है। आइसक्रीम के पैकट पर गोला लगाकर E- 407 और E-412 नाम के दो पदार्थों में सूअर की चर्बी होने का दावा किया जा रहा है। अमूल के पैकेट पर छपी जानकारी के मुताबिक ये दोनों चीजें स्टेबलाईज़र्स के तौर पर इस्तेमाल की गयी हैं। अगर आप गूगल पर अमूल ही नहीं, किसी भी आईसक्रीम के पैकेट का फोटो निकाल कर देखें तो पता चलेगा कि स्टेबलाईज़र्स का इस्तेमाल लगभग हर आइसक्रीम में किया जाता है।

स्टेबलाईज़र्स क्या होते हैं और इनका इस्तेमाल क्यों किया जाता है
स्टेबलाईज़र्स का मतलब होता है वो पदार्थ जो आइसक्रीम में आइस के क्रिस्टल बनने से रोकते हैं, उसे मुलायम बनाते हैं और ठंडक कम होने पर उसे तेजी से पिघलने से रोकते हैं। ये दुनियांभर की करीब—करीब हर आइसक्रीम में इस्तेमाल किया जाता है।

सुअर की चर्बी का सच
भारत में इस्तेमाल होने वाली खाने-पीने की सभी चीजों के गुणवत्ता की जांच का काम FSSAI ही करता है। FSSAI के एडवाइजर सुनील बख्शी का कहना है खाने पीने की चीजों में E का मतलब होता है कि इन पदार्थों को यूरोपियन इकोनॉमिक कम्युनिटी (EEC) ने खाने पीने की चीजों में मिलाने की अनुमति दी हुई है। ऐसे पदार्थों की पूरी एक लिस्ट है। हर नंबर से ये साफ होता है कि वो क्या पदार्थ है। बख्शी ने बताया कि E-407 कैराजीनन होता है जो समुद्र में उगने वाले लाल एलगी (शैवाल) से बनता है। इसका सबसे ज्यादा उत्पादन फिलीपींस में होता है।

इसी तरह E-412 का मतलब है ग्वार गम जो एक फली से निकला है। ग्वार की फली के बीज को पीस कर उसका पाउडर बनाया जाता है। इसका बहुत बड़ी मात्रा में उत्पादन भारत में भी होता और यहां से कई देशों को निर्यात भी किया जाता है। सुनील बख्शी ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि ये दोनों चीजें पौधों से निकलती हैं इसलिए पूरी तरह शाकाहारी हैं। उन्होंने बताया कि पूरी दुनिया में आइसक्रीम बनाने में इसका खूब इस्तेमाल होता है।

स्वीडन की एक वेबसाइट halalcertifiering.se न सिर्फ सभी खाने पीने की चीजों में मिलाए जाने वाले ऐडटिव्स के बारे में विस्तार से जानकारी देती है बल्कि इस बात को भी साफ करती है कि ये चीजें इस्लाम धर्म के हिसाब से खाने योग्य हैं या नहीं। इस वेबसाइट पर भी E-407 और E-412 न सिर्फ शाकाहारी पदार्थों की लिस्ट में हैं बल्कि साफ लिखा है कि ये इस्लाम के हिसाब से भी हलाल हैं। यानि इससे साफ हो गया कि आइसक्रीम में सुअर की चर्बी नहीं होती बल्कि इसमें ग्वार के बीज का पाउडर और एलगी का पाउडर होता है।

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Jeewan Aadhar Editor Desk