हिसार

योगगुरु रामदेव को नोटिस जारी, सेशन कोर्ट ने ट्रांसफर पिटिशन को बहाल कराने की याचिका पर जारी किया नोटिस

हिसार,
बाबा रामदेव के खिलाफ दलितों की अपमानजनक टिप्पणी के मामले को हिसार के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजकुमार जैन की अदालत से अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत स्थापित विशेष अदालत में ट्रांसफर करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए सत्र न्यायाधीश ने योगगुरु रामदेव को उसके वकील के मार्फत नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए 9 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है। इस पर बाबा रामदेव के वकील ट्रांसफर पिटिशन को बहाल करने के प्रश्न पर अपना जवाब पेश कर बहस करेंगे।
गौरतलब है कि गत दिवस शुक्रवार 29 मार्च को हिसार के सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार सिंघल की अदालत में बाबा रामदेव के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के मामले को ट्रांसफर कराने के लिए ट्रांसफर पिटिशन पर सुनवाई थी, जिस पर शिकायतकर्ता व अधिवक्ता रजत कलेक्शन हैवी ट्रैफिक के चलते आधे घंटे की देरी से पहुंचे थे। अदालत में नहीं पहुंचने के चलते सत्र न्यायाधीश ने उनकी ट्रांसफर पिटिशन कोर्ट डिस्मिसिज डिफॉल्ट कर दिया था। इस पर शिकायतकर्ता रजत कल्सन ने डिस्मिस इन डिफॉल्ट ट्रांसफर याचिका को पुन: बहाल कराने के लिए शुक्रवार को ही याचिका दायर कर दी थी, जिस पर शनिवार को अरुण कुमार सिंगल सत्र न्यायाधीश हिसार की अदालत में सुनवाई हुई।
बता दें कि 25 अप्रैल 2014 को बाबा रामदेव ने लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेंस करके राहुल गांधी के बारे में बात करते हुए दलितों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी कर दी थी, जिस पर हिसार के अधिवक्ता रजत कल्सन ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी तब पुलिस द्वारा शिकायत पर कार्रवाई ना करने के चलते उन्होंने अदालत में बाबा रामदेव के खिलाफ अदालत में इस्तगासा दायर कर दिया था।

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