आदमपुर (अग्रवाल)
सरसों की खरीद न होने के कारण धूप में तप रहे किसानों का गुस्सा शुक्रवार का फूट पड़ा। किसानों ने हैफेड प्रबंधक को घेर लिया। इस दौरान किसानों और प्रबंधक में काफी बहस हुई। मौके की नजाकत को देखते हुए पुलिस हैफेड प्रबंधक को अपने प्रोटेक्शन में लेकर कार्यालय में गई। बाद में थाना प्रभारी औमप्रकाश ने आक्रोशित किसानों से बातचीत की।
किसानों ने आरोप लगाया कि वे देर रात से अपनी सरसों की खरीद का इंतजार कर रहे है। दोपहर होने के बावजूद कोई कर्मचारी या अधिकारी सरसों की खरीद करने के लिए नहीं आया। इस पर थाना प्रभारी ने किसानों को आश्वासन दिया कि वे प्रबंधक से कार्यालय में बैठकर बात कर समस्या का समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। इस पर किसानों का गुस्सा शांत हुआ।
बाद में खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों और हैफेड प्रबंधक अनुराग गुप्ता ने बैठक की। खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने सरसों न खरीदने का कारण पूछा तो अनुराग गुप्ता ने बताया कि उनके पास बारदाना नहीं है। बारदाना नहीं होने की सूरत में वे खरीद नहीं कर सकते। इस पर खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने हैफेड प्रबंधक को 10 हजार कट्टे देने की बात कही। इसके बाद अधिकारियों ने किसानों से बातचीत करके सरसों की खरीद आरंभ की।
कन्नोह से आए किसानों ने बताया कि आज उनकी सरसों खरीद की बारी थी। इसके चलते वे अपनी फसल किराए के साधनों में लेकर देर रात को ही आदमपुर पहुंच गए। दोपहर तक इंतजार करने के बाद भी सरसों की खरीद आरंभ नहीं हुई। यदि आज खरीद न होती तो उनका साधन का किराया भी लगता और सरसों भी औने—पौने दाम में प्राइवेट व्यापारियों को बेचनी पड़ती। किसानों ने कहा कि सरकार ने सरसों खरीद को लेकर पूरे प्रबंध नहीं कर रखे, इसके चलते किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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