नई दिल्ली,
जम्मू-कश्मीर की अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी ने कबूल किया है कि वो विदेशी स्रोतों से फंड लेकर घाटी में सेना और सरकार के खिलाफ महिलाओं से प्रदर्शन करवाती थी। आसिया ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के सामने पूछताछ में ये खुलासा किया है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक जांच के दौरान आसिया अंद्राबी ने स्वीकार किया कि वह विदेशी स्रोतों से दान और फंड ले रही थी। इसके एवज में उसकी संस्था दुखतारन-ए-मिल्लत घाटी में मुस्लिम महिलाओं से प्रदर्शन करवाती थी।
National Investigation Agency (NIA) on J&K terror funding case: During interrogation, Asiya Andrabi admitted she had been collecting funds & donations from foreign sources, for which her organisation Dukhtaran-e-Millathad had been organising protests by Muslim women in the valley pic.twitter.com/YoB0TgPhoO
— ANI (@ANI) June 16, 2019
एनआईए ने कहा कि आसिया अंद्राबी ने स्वीकार किया है कि वह विदेशी स्रोतों से दान व धन जुटा रही थी और उसका संगठन दुखतारन-ए-मिल्लत घाटी में मुस्लिम महिलाओं के प्रदर्शन का आयोजन कर रहा था।
एनआईए ने कहा, ‘अंद्राबी का मलेशिया में उसके बेटे के 2011 के बाद शैक्षिक खर्चों के लिए फंड विदेशी प्रेषण के जरिए जहूर (अहमद शाह) वटाली द्वारा किए जाने से सामना कराया गया।’ एनआईए वटाली को हवाला के मुख्य वाहकों में से एक बताता है, जो पाकिस्तान से फंड जुटाता है और प्राप्त करता है। एनआईए ने अपने बयान में मुस्लिम लीग नेता मसरत आलम का हवाला दिया, जिसने एनआईए अधिकारियों से कहा कि पाकिस्तान समर्थित एजेंट ने विदेश से धन एकत्र किया और हवाला ऑपरेटर्स के जरिए जम्मू-कश्मीर भेजा। मसरत आलम घाटी में पत्थरबाजों और हिंसक आंदोलनों का तथाकथित पोस्टर बॉय था।