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अहिंसावादी व शाकाहार बनकर पाएं कोरोना जैसी बीमारियों से छुटकारा : स्वामी सचिदानंद

जैसा हम प्रकृति को देंगे, प्रकृति हमें वैसा ही लौटाएगी, प्रकृति ले रही मनुष्य से बदला

हिसार(राजेश्वर बैनीवाल)।
देश में फैले कोरोना वायरस जैसी महामारी के बीच विभिन्न धर्मगुरू अपना मत रख रहे हैं। सभी का लगभग मत एक ही है कि मनुष्य को अहिंसावादी व धार्मिक रहना चाहिए। यदि मनुष्य धर्म के मार्ग से भटकेगा तो समय-समय ऐसी आपदाएं आती रहेंगी।
इसी कड़ी बिश्नोई समाज के प्रमुख संत स्वामी सचिदानंद जी भी कोरोना वायरस को मनुष्य की हिंसात्मक सोच का परिणाम बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य ने अहिंसा की जगह हिंसा का रास्ता अपनाना शुरू कर दिया, जीव-जंतुओं को नुकसान पहुंचाना शुरू किया तो उसका खामियाजा आज हम भुगत रहे हैं। जैसा हम प्रकृति को देंगे, प्रकृति उसी रूप में हमें वापिस देगी, प्रकृति हमसे बदला ले रही है। मनुष्य को बहुत शक्तिशाली व दिमाग वाला माना जाता है लेकिन आज वह भयभीत है और एक छोटा सा वायरस उसे परेशान कर रहा है। स्वामी सचिदानंद के अनुसार गुरू जम्भेश्वर भगवान ने एक शब्द में कहा भी है कि ‘जां दिन तेरे होम व जाप न यज्ञ न क्रिया, जान के भागी कपिला गाई’, यानि जिस दिन मनुष्य ने होम, जप व यज्ञ करना छोड़ दिया, उस दिन उसकी कपिला गाय रूपी सुख चले जाएंगे। उन्होंने तुलसीदास की श्लोक को याद करते हुए कहा कि ‘तुलसी न का क्या बड़ा-समय होत बलवान-काबै लूटी गोपियां वो ही अर्जुन वो ही बाण।’ यदि मनुष्य जीवों को नहीं सताता और उन्हें मारकर नहीं खाता तो ये वायरस आज दुनिया को प्रभावित नहीं करता।
स्वामी सचिदानंद कहते हैं बिश्नोई को नवण प्रणाम की संस्कृति काफी पुरानी व सुंदर है। इसका गुरू जम्भेश्वर की साखियों में कहा है कि ‘कर जोड़े बंधु चरण-सीस निवाय-निवाय यानि हाथ जोडक़र व सीस झुकाकर नमन करना है, कहीं नहीं कहा कि ताली मिलाकर या गले मिलकर प्रणाम करना है।’ इसके पीछे यही कारण था कि किसी भी प्रकार का वायरल अटैक हो या कोई और बीमारी हो, हमारे ऊपर उसका असर नहीं होगा, लेकिन हम अपनी संस्कृति भूल गये। इसके अलावा उन्होंने मनुष्य के शाकाहारी बनने पर भी जोर दिया और कहा कि बिश्नोई समाज में ये नियम प्रमुखता से बताया गया है। उन्होंने राजस्थान (बागड़ देश) का हवाला देते हुए कहा कि यहां पर आज भी 75 प्रतिशत लोग शाकाहारी है जबकि अन्य प्रदेशों में तो लोग शाकाहार को भूलते जा रहे हैं।
स्वामी सचिदानंद ने शाकाहार पर और भी बहुत सी बातें बताई, जिन्हें जानने व अपने मन में धारण करने के लिए उनका वीडियो देखें….

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