कर्मचारियों के डीए व एलटीसी पर पुन: विचार किया जाए
हिसार,
रिटायर्ड कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान आर.सी.जगगा ने कहा है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हाल में कर्मचारियों की डीए व एलटीसी बंद कर करके व रोजगार पर अगले दो साल के लिए प्रतिबंध लगाकर कोरोना महामारी की आड़ में सरकार की असली नीयत को जाहिर कर दिया है। इससे कर्मचारियों में तीव्र रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि 28 अप्रैल को मुख्यमंत्री ने कर्मचारी संगठनों को कान्फ्रेंस में बुलाया लेकिन रिटायर्ड कर्मचारी संघ की अनदेखी की गई। आज हरियाणा में साढ़े तीन लाख रिटायर्ड कर्मचारी हैं। सरकार को कई बार मांगों के पत्र दिए गए किंतु हर बार अनदेखी की गई। इससे पूर्व 20 मार्च 2017 को मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत के बाद भी मांगें नहीं मानी गई। सरकार कर्मचारियों के हकों पर कुठाराघात करने की बजाए उन्हें सहुलियत देने का काम करें।
संघ के जिला प्रधान ओमप्रकाश सैनी व जिला सचिव श्योचंद राम घोड़ेला ने कहा है कि सरकार आज कह रही है कि खजाना खाली हो गया है जबकि कोरोना महामारी को लेकर सरकार के पास 200 करोड़ रुपए जमा हो चुका है। सरकार संगठन को बुलाकर बात करती है और केवल झूठे आश्वासन ही देती है। कर्मचारी नेताओं ने उनकी मानी हुई मांगों को लागू करने व अब जो कर्मचारियों के डीए व एलटीसी बंद किए हैं, इन पर पुन: विचार करने की मांग की है।