आर्यनगर में मनाई संत कबीर की 643 वीं जयंती
हिसार,
निकटवर्ती गांव आर्यनगर में संत कबीर की 643वीं जयंती लॉकडाउन का पालन करते हुए मनाई गई। इस दौरान नलवा बसपा प्रत्याशी रहे एडवोकेट बजरंग इन्दल, महाराज चांदराम व पूनम बौद्ध ने कहा कि संतो की राह सदैव मानवता का कल्याण करने वाली होती है। सन्त कबीर ने सामाजिक रूढ़ियों, अंधविश्वास व पाखंड का विरोध करते हुए जातिविहीन समाज की कल्पना की थी। उन्होंने कहा कि सन्त कबीर ने जीवन प्रयन्त समता, स्वतंत्रता, न्याय व बंधुता की लंबी लड़ाई लड़ी थी। कबीर की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक है। कबीर ने हिन्दू-मुस्लिम सौहार्द को बढ़ाते हुए एक मिसाल कायम की थी। इसलिए सरकारों को ऐसे सन्त-महापुरुषों व महान समाजसुधारकों का सम्मान करते हुए उनके दिखाए रास्ते का अनुसरण करना चाहिए। बसपा नेता इन्दल ने कहा कि आज कोरोना कोविड की वजह से इंसानी जान को भारी खतरा बना हुआ है। सर्वसमाज के लोगों को अब ऊंच-नीच का आपसी भेदभाव छोड़कर गरीबों की जनसेवा करनी चाहिए। देश-प्रदेश के सामने उपजे कोरोना संकट से बाहर आने के लिए सबको एकजुट होकर सार्थक प्रयास करने होंगे। इस दौरान अनूप महाराज, चेतराम पंवार, सुरेश नागर, राजेश जनागल, बलवंत वाल्मीकि, बलबीर शिला, रामनिवास व अन्य मौजूद रहे।