हिसार

फाइनल ईयर के छात्रों को भी बिना परीक्षा प्रमोट करने की मांग पर छात्रों ने किया प्रदर्शन

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच फाइनल ईयर के छात्रों के लिए परीक्षाएं निर्धारित करने पर छात्रों में रोष, मां—बाप के साथ उतरे सड़कों पर

हिसार,
विभिन्न संकायों के फस्र्ट, सेंकेड के छात्रों को प्रोमोट करने के साथ-साथ कोरोना के बढ़ते संक्रमण मद्देनजर फाइनल इयर के छात्रों को भी युनिवर्सिटी प्रशासन प्रमोट करे। इस मांग के साथ फाइनल ईयर के छात्रों ने एफसी कॉलेज से परिजात चौक तक रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद छात्रों ने परिजात चौक पर सांकेतिक धरना भी दिया। इस प्रदर्शन में छात्रों के साथ उनके अभिभावकों ने भी हिस्सा लिया और कोरोना के संक्रमण को देखते हुए परीक्षाओं को रद्द कर उन्हें प्रमोट करने की मांग उठाई।
छात्र रिषभ समानिया ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे मामलों के बीच युनवर्सिटी छात्रों के जीवन से खिलवाड़ कर रही है और उनके साथ भेदभाव कर रही है। छात्रों के लिए परीक्षा के अधिक उनका जीवन है। उन्होंने सवाल उठाया कि कोरोना का संक्रमण क्या फस्र्ट, सेकेंड के छात्रों के लिए अलग-अलग प्रभाव रखता है। युनिवर्सिटी ने फस्र्ट व सेकेंड के छात्रों को तो इसे देखते हुए प्रमोट कर दिया लेकिन फाइनल ईयर के छात्रों को नहीं। युनिवर्सिटी प्रशासन का फाइनल ईयर के छात्रों को प्रमोट नहीं करना व उनके लिए परीक्षाओं का निर्धारण करना क्या उनके लिए सुरक्षित है और उस पर बाहर से आने वाले छात्रों के लिए किसी प्रकार के होस्टल आदि की रहने की सुविधा भी युनिवर्सिटी द्वारा उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। ऐसे में बाहर से आने वाले छात्र किस प्रकार अपनी परीक्षाओं को सुचारू रूप से दे पाएंगे और वहीं कोरोना के संक्रमण का खतरा भी बना रहेगा। वहीं परीक्षा का समय भी इतनी गर्मी में भरी दोपहर 11 से 2 बजे का रखा गया है जो कि बिल्कुल अनुचित है। सरकार ने 1 से 31 जुलाई तक फाइनल ईयर के छात्रों की परीक्षाएं करवाने का फैसला लिया है जबकि इस समय कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
रिषभ समानिया न अन्य छात्रों का कहना है कि युनिवर्सिटी प्रशासन के इस फैसले से जहां छात्रों के सामने सुरक्षा का संकट है वहीं प्रिवियश ईयर पर फाइनल ईयर के छात्रों के लिए अलग-अलग नियम बनाकर उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। सरकार व युनिवर्सिटी इन छात्रों में अंतर करके छात्रों को फस्र्ट ईयर, सेकेंड ईयर व फाइनल ईयर में भी बांट रही है। युनिवर्सिटी के इस भेदभावपूर्ण रवैये से छात्रों में रोष है जिसके विरोधस्वरूप आज फाइनल ईयर के छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया है।
छात्रों व उनके अभिभावकों ने सरकार व युनवर्सिटी के समक्ष जोरदार ढंग से अपनी मांग उठाई कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए फाइनल ईयर की परीक्षाओं को रद्द करके फाइनल ईयर के छात्रों को भी ऐवरेज आधार पर प्रमोट किया जाए। इस मौके पर छात्र रिषभ समानिया के अलावा छात्र विनोद समानिया, दीपांशु, कर्ण, सुरभि गोयल, राजीव गर्ग, विकास, कपिल, पुनीत, जयश समानिया, खुशहाल आदि सहित अनेक अभिभावक भी मौजूद थे।

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