एचएयू में मनाया गया स्वच्छता पखवाड़ा, फार्म कॉलोनी में किया पौधारोपण
हिसार,
पेड़ हमें जीवनदायिनी आक्सीजन प्रदान करते हैं जो हमारे जीवन का आधार हैं। इसलिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए और उनकी देखभाल की भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
यह बात हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. समर सिंह ने विश्वविद्यालय की भू-दृष्य सरंचना इकाई की ओर से मनाए गए स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय के फार्म कॉलोनी क्षेत्र में किए गए पौधारोपण के अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छ एवं विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत अभियान के तहत ऐसे कार्यक्रमों को आयोजित किया जाना बहुत ही सराहनीय कदम है। छात्र कल्याण निदेशक एवं भू-दृश्य संरचना इकाई के नियंत्रक अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह दहिया ने इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. समर सिंह व अन्य अधिकारियों का स्वागत किया व इस स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
विश्वविद्यालय परिसर में चलाया जागरूकता अभियान
भू-दृश्य संरचना इकाई के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने बताया कि स्वच्छता पखवाड़ा को 1 अक्तुबर से 15 अक्तुबर तक आयोजित किया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में व रिहायशी क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसके तहत भूमि संरक्षण को ध्यान में रखते हुए रिहायसी क्षेत्र में उगे हुए हानिकारक खरपतवारों की सफाई की गई व लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। इसी प्रकार कोरोना महामारी के चलते घर पर रहने, मास्क पहनने, सामाजिक दूरी का अनुपालन करने, भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से परहेज एवं अन्य सुरक्षा निर्देशों का पालन करने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया गया। डॉ. पवन कुमार ने बताया कि इसी के तहत अब विश्वविद्यालय के आवासीय व सडक़ किनारों पर अधिक से अधिक फूलों वाले पौधे लगाने का अभियान भी जारी है ताकि परिसर को सुंदर व हराभरा बनाया जा सके। इस अवसर पर कुलपति के विशेष कार्यकारी अधिकारी डॉ. एस.एस. सिद्धपुरिया, अधिष्ठाता डॉ. आशा क्वात्रा, डॉ. बिमला ढांडा, डॉ. आर.के. झोरड़, डॉ. राजवीर सिंह, लाइबे्ररियन डॉ. बलवान सिंह, कैंपस स्कूल के नियंत्रक अधिकारी डॉ. संजय ठकराल, मीडिया सलाहकार डॉ. आर.एस. ढिल्लो, डॉ. देवेंद्र सिंह सहित विश्वविद्यालय की आवासीय कॉलोनी के स्थानीय निवासी व विभाग के कर्मचारी मौजूद थे।