हिसार

हिसार बस अड्डे पर निजी बस संचालक व साथियों ने रोेडवेज परिचालक को पीटा

अधिकारियों की लापरवाही से हिसार डिपो बन रहा लड़ाई का अखाड़ा, पुलिस भी मौन

बात आगे न बढ़े, इसलिए अधिकारियों ने भाईचारा के नाम पर करवा दिया समझौता

हिसार,
हिसार में बस अड्डे पर निजी बस संचालक व उसके सहयोगियों द्वारा रोडवेज परिचालक की पिटाई करने का मामला सामने आया है। पिटाई का कारण रोडवेस बस व निजी बस के काउंटर पर समय को लेकर बताया जा रहा है। मामला बढ़ता देखकर अधिकारियों ने इसे आपसी मामला बताकर दबा दिया। पिटाई में विभाग का एक उप निरीक्षक भी शामिल बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि बुधवार शाम को निजी बस संचालक व उसके सहयोगियों ने रोडवेज परिचालक की पिटाई कर दी। मामला सरकारी व निजी बस के समय को लेकर था और बताया जा रहा है कि निजी बस संचालक ज्यादा समय लेना चाहता था। जब रोडवेज परिचालक ने विरोध किया तो निजी बस संचालक, जिसमें एक उप निरीक्षक भी शामिल था, ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर रोडवेज परिचालक की पिटाई कर दी। मामला किसी तरह अधिकारियों तक भी पहुंच गया जिस पर उन्होंने मामले को दबाने का प्रयास किया। कारण था कि अधिकारियों ने निजी व सरकारी बसों के समय में एडजेस्टमेंट प्रयास किया था और झगड़े की असली वजह यही थी। बताया जा रहा है ​कि जिस निजी बस संचालक ने अपने साथियों के साथ रोडवेज परिचालक की पिटाई की है, उस निजी बस में विभाग के ही एक उप निरीक्षक की भी हिस्सेदारी है और उक्त उप निरीक्षक अपनी निजी बस को फायदा पहुंचाने के लिए विभाग के कर्मचारियों से कई बार झगड़ा कर चुका है। कर्मचारियों में आम चर्चा है कि उक्त उप निरीक्षक वेतन विभाग से लेता है और अपनी निजी बस के फायदे के लिए विभाग को ही नुकसान पहुंचा रहा है लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत व ढीले रवैये के चलते उक्त उप निरीक्षक अपनी मनमानी चला रहा है।
कर्मचारियों में चर्चा है कि बस अड्डा पर तैनात पुलिस कर्मचारियों व रोडवेज अधिकारियों के ढीलेपन के चलते हिसार का रोडवेज डिपो लड़ाई का अखाड़ा बनता जा रहा है। पिछले दिनों रोडवेज डिपो प्रधान रामसिंह बिश्नोई पर हमला किया गया, जिस पर अभी कोई कार्रवाही नहीं हुई है वहीं लगभग एक सप्ताह बाद विभाग के ही परिचालक की पिटाई कर दी गई।
परिचालक की पिटाई के मामले में विभाग के संस्थान प्रबंधक सुरेन्द्र सिंह से बात की गई तो उन्होेंने कहा कि समय की एडजेस्टमेंट को लेकर यह झगड़ा था, उसे निपटा दिया गया है। जब उनसे पूछा गया कि एक परिचालक को ड्यूटी पर रहते हुए पीट दिया जाता है और अधिकारी मामला निपटा रहे हैं, क्या यह सही है, तो उनका कहना था कि दोनों तरफ से कोई शिकायत नहीं दी गई है।

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