आंगनवाड़ी महिलाओं ने धरनास्थल पर ही रखा अहोई का व्रत, कथा सुनी व सूर्य को जल दिया
हिसार,
आंगनवाड़ी केन्द्रों को प्लेवे स्कूलों के नाम पर एनजीओ के अधीन करने के विरोध में तथा वर्ष 2018 में किया गया समझौता लागू करवाने की मांग पर लघु सचिवालय के समक्ष धरने पर बैठी आंगनवाड़ी महिलाओं ने आज अनोखे अंदाज में धरनास्थल पर ही अहोई का व्रत रखा और कथा सुनी। आंगनवाड़ी महिलाओं ने साथ ही खड़े किये गए मंत्री कमलेश ढांडा के पुतले को भी कथा सुनाई और कहा कि मंत्री के पास समय की कमी है इसलिए जब वे जनता की आवाज ही नहीं सुन पा रही तो फिर उन्हें कथा सुनने का समय कहां मिला होगा।
आंगनवाडी वर्कर व हेल्पर यूनियन ने अपने आंदोलन व धरने के 28वें दिन आज धरनास्थल पर ही अहोई माता का व्रत रखा, कथा सुनी और सूर्य को जल दिया। महिलाओं ने गीत गाकर सरकार व मंत्री के कानों तक बात पहुंचाने का प्रयास किया। महिलाओं ने कहा कि उन्होंने मंत्री के पुतले के कानों में रूई इसीलिए डाली है क्योंकि मंत्री उनकी मांगों व समस्याओं को अनसुना कर रही है और उनके पास बातचीत का समय ही नहीं है। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान बिमला राठी ने की जबकि संचालन राजबाला सहारण ने किया।
धरने को संबोधित करते हुए जिला प्रधान बिमला राठी व संचालन कर रही राजबाला सहारण ने कहा कि हमने महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी से मिलकर उन्हें अपनी समस्या से अवगत करवाया है। उन्हें बताया है कि विभाग की सुपरवाइजर जो कि गांव और वार्ड वाइज राशन की सप्लाई उतार देती है। परियोजना अधिकारी सुशीला शर्मा ने कहा हैं कोई भी राशन की सप्लाई एक-दूसरे की न उतरवाए और सुपरवाइजर हर सेंटर में राशन उतारेगी। अगर कोई सुरवाइजर राशन एक जगह उतारती हैं तो वर्कर फोटो खींचकर हमारी अधिकारी के पास भेज दें।
धरने में खारिया से इंद्रावती, सरला, भिवानी रोहिला से मंजू, सुमन, आर्यनगर से ज्योति, ममता, वीना, गोगी, डोभी से सरोज, सुमन, सुशीला, विनोद, गीता, सुनीता, सविता, दर्शना, सरोज, निर्मला, सुनीता, कविता, रोशनी, सुरजी, शकुंतला, शीला, सरस्वती, बालावास से पूनम, डाबड़ा से रोशनी व सुदेश आदि मौजूद रही।