परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—837 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—837Jeewan Aadhar Editor DeskMarch 10, 2026March 10, 20260
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—836 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—836Jeewan Aadhar Editor DeskMarch 9, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—835 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—835Jeewan Aadhar Editor DeskMarch 8, 2026March 8, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—834 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—834Jeewan Aadhar Editor DeskMarch 7, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—833 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—833Jeewan Aadhar Editor DeskMarch 6, 2026
धर्मओशो : वासना दुश्मन नहीं हैJeewan Aadhar Editor DeskNovember 27, 2017 November 27, 2017 हिटलर से लड़ते वक्त चर्चिल को हिटलर जैसा ही हो जाना पड़ा । इसके सिवाय कोई उपाय न था। जो धोखा—धड़ी हिटलर कर रहा था...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—62Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 27, 2017January 20, 2024 November 27, 2017January 20, 2024 त्रिकूट पर्वत पर एक शक्ति शाली हाथी रहता था । गर्मी के दिन थे। उसी पर्वत के पास एक बहूत बड़ा सरोवर था। गजेन्द्र आपी...
धर्मस्वामी राजदास : साधु का पकवानJeewan Aadhar Editor DeskNovember 26, 2017 November 26, 2017 एक बार एक साधु एक शहर में ठहरे। वे किसी से कुछ दान नहीं लेते। बस खाना मांगने के लिए चेले को शहर के धनी...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—61Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 26, 2017January 19, 2024 November 26, 2017January 19, 2024 परीक्षित ने शुकदेव मुनि से सविनय करबद्ध होकर पूछा हे गुरूदेव ये चौदह लोक और यह संसार की रचना कैसे हुई? शुकदेव जी ने समझाया...
धर्मओशो : का सोवे दिन रैन -232Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 26, 2017 November 26, 2017 मधुशालाओं में आओ-जाओ। पिथक्कड़ो के पास बैठो। जहां शराब ढलती हो वहां से हटो ही मत। संत्संग करो। एक तो यह उपाय है। परमात्मा से...
धर्मओशो : सलाह देने वालेJeewan Aadhar Editor DeskNovember 24, 2017 November 24, 2017 मैंने सुना, मुल्ला नसरूद्दीन चला जा रहा था एक रास्ते पर। नुमाइश लगी थी। बड़े शुभ वस्त्र पहने हुए-झकझक, अभी धुलवाए। बूढ़ा हो गया है...
धर्मस्वामी राजदास : सत्य की यात्रा मेंJeewan Aadhar Editor DeskNovember 24, 2017 November 24, 2017 मैंने सुना है कि एक पंडित एक तोता खरीदने गया। उसने तोते की दूकान पर कई तोते देखे। एक तोता उसे पंसद आया। बड़ा शानदार...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—60Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 24, 2017January 18, 2024 November 24, 2017January 18, 2024 समय कभी रूकता नहीं, चाहे अच्छा समय हो या बूरा, चाहे दु:ख की घडिय़ाँ हों या सुख की। दु:ख के समय लगता है कि समय...
धर्मस्वामी राजदास : किसका मंदिर, किसकी मस्जिद?Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 23, 2017 November 23, 2017 मैंने सुना है, एक गुरू ,एक दोपहर गर्मी की दोपहर सोया। उसके दो शिष्य थे। दोनों सेवा करना चाहते थे, क्योंकि सुना था सेवा से...
धर्मओशो : का सोवे दिन रैन-229Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 23, 2017 November 23, 2017 मैंने सुना, मुल्ला नसरूद्दीन अपने गधे पर बैठकर बाजार से निकल रहा था। एक-दम तेजी से चला जा रहा था। लोगों ने कहा:नसरूद्दीन , कहां...